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Lucknow News: डग्गामार रोक रहीं रोडवेज बसों की राह
Mon, 16 Dec 2024 01:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 16 Dec 2024 01:37 AM IST
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श्रावस्ती। तराई वासियों को सुगम यातायात संसाधनों की कमी का दंश झेलना पड़ रहा है। वहीं, मार्ग पर डग्गामार बसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रोडवेज बसों की संख्या लगातार घट रही है। इससे लोगों को आवागमन की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों के ध्यान न देने से समस्या बढ़ती जा रही है।
जिला मुख्यालय भिनगा से बहराइच व बलरामपुर जिले के लिए परिवहन निगम की मात्र सात बसें संचालित हैं। ऐसे में लोगों को आने-जाने के लिए डग्गामार वाहनों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। इससे टूरिस्ट परमिट के सहारे चलने वालीं बसों का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। ऐसे बस संचालक चौक चौराहों पर अपना कार्यालय खोलकर दिल्ली, मुंबई, गुजरात, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य स्थानों के लिए यात्रियों की बुकिंग करते हैं।
जबकि सवारियां न मिलने का रोना रोते हुए परिवहन निगम एक-एक कर मार्ग से बसों को घटाता जा रहा है। ऐसे में जिले के लोगों को मजबूरी में इन निजी बसों से सफर तय करना पड़ रहा है। जिलेवासियों को दूसरे प्रदेशों में आने-जाने के लिए जहां पड़ोसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है, वहीं जिले के ब्लाॅक व तहसील मुख्यालयों की यात्रा करने के लिए टैंपो व ई रिक्शा का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद न तो जनप्रतिनिधि इस समस्या का समाधान करने में रुचि ले रहे हैं, न ही संबंधित विभाग ही लोगों की समस्याओं को दूर करने की कार्यवाही करता नजर आ रहा है। विभाग के उदासीन रवैये से सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है।
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टूरिस्ट बसों की आड़ में चल रहे डग्गामार
निजी बस संचालक टूरिस्ट बसों का संचालन तो करते हैं, लेकिन यह उनका मात्र बाहरी आवरण है। इसकी आड़ में डग्गामार बसों को चलाया जा रहा है। टूरिस्ट बसें दिल्ली, मुंबई, गुजरात, सूरत जैसे बड़े शहरों के लिए सवारियों को लेकर धड़ल्ले से फर्राटा भरती देखी जा सकती हैं। भिनगा, भंगहा, सेमरी, चिल्हरिया मोड़, मल्हीपुर, कानी बोझी सहित अन्य स्थानों पर यह बसें निर्धारित दिन व समय पर पहुंचती हैं और सवारियों को बैठाकर चली जाती हैं। वहीं, भिनगा से प्रतिदिन सुबह व शाम दो से तीन बसें लखनऊ के लिए निकलती हैं। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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जिला मुख्यालय भिनगा से बहराइच व बलरामपुर जिले के लिए परिवहन निगम की मात्र सात बसें संचालित हैं। ऐसे में लोगों को आने-जाने के लिए डग्गामार वाहनों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। इससे टूरिस्ट परमिट के सहारे चलने वालीं बसों का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। ऐसे बस संचालक चौक चौराहों पर अपना कार्यालय खोलकर दिल्ली, मुंबई, गुजरात, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य स्थानों के लिए यात्रियों की बुकिंग करते हैं।
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जबकि सवारियां न मिलने का रोना रोते हुए परिवहन निगम एक-एक कर मार्ग से बसों को घटाता जा रहा है। ऐसे में जिले के लोगों को मजबूरी में इन निजी बसों से सफर तय करना पड़ रहा है। जिलेवासियों को दूसरे प्रदेशों में आने-जाने के लिए जहां पड़ोसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है, वहीं जिले के ब्लाॅक व तहसील मुख्यालयों की यात्रा करने के लिए टैंपो व ई रिक्शा का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद न तो जनप्रतिनिधि इस समस्या का समाधान करने में रुचि ले रहे हैं, न ही संबंधित विभाग ही लोगों की समस्याओं को दूर करने की कार्यवाही करता नजर आ रहा है। विभाग के उदासीन रवैये से सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है।
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टूरिस्ट बसों की आड़ में चल रहे डग्गामार
निजी बस संचालक टूरिस्ट बसों का संचालन तो करते हैं, लेकिन यह उनका मात्र बाहरी आवरण है। इसकी आड़ में डग्गामार बसों को चलाया जा रहा है। टूरिस्ट बसें दिल्ली, मुंबई, गुजरात, सूरत जैसे बड़े शहरों के लिए सवारियों को लेकर धड़ल्ले से फर्राटा भरती देखी जा सकती हैं। भिनगा, भंगहा, सेमरी, चिल्हरिया मोड़, मल्हीपुर, कानी बोझी सहित अन्य स्थानों पर यह बसें निर्धारित दिन व समय पर पहुंचती हैं और सवारियों को बैठाकर चली जाती हैं। वहीं, भिनगा से प्रतिदिन सुबह व शाम दो से तीन बसें लखनऊ के लिए निकलती हैं। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।