रोडवेज बस का डीजल चोरी कर बेच रहे ड्राइवर, कार्रवाई करने की जगह संरक्षण दे रहे अधिकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन निगम की बस से डीजल चोरी का नया मामला सामने आया है। उपनगरीय डिपो की बस के ड्राइवर की इस करतूत का अन्य कर्मचारी ने वीडियो बनाकर अफसरों को भेज दिया। हालांकि, दोषी पर तो कार्रवाई हुई नहीं, उल्टा अधिकारी ने मामला रफा-दफा करते हुए वीडियो बनाने वाले कर्मचारी को ही सबक सिखाने की धमकी दे दी।
निगम मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि उपनगरीय डिपो की बस (यूपी33एटी4760) पिछले हफ्ते हैदरगढ़ से दिल्ली जा रही थी। इसके ड्राइवर ने हरदोई और बरेली के बीच तिलहर में ढाबे पर बस खड़ी कर दी। इसके बाद एक युवक टैंक लेकर आया और पाइप से बस से डीजल निकालने लगा। निगम की बस के एक अन्य कर्मी ने मोबाइल से इसका वीडियो बना लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके मुताबिक ड्राइवर ने बस से 25 से 30 लीटर डीजल चोरी कराया। बस लखनऊ से टैंक में 250 लीटर डीजल लेकर चली थी। सूत्रों ने यह भी बताया कि उपनगरीय डिपो में डीजल चोरी कर जो रकम मिलती है, उसका बंटवारा कई लोगों में हो रहा है। शासन और परिवहन निगम पूर्व में डीजल चोरी में लिप्त राजधानी के 50 ड्राइवरों, लिपिक और अफसरों पर कार्रवाई कर देता तो इस खेल पर अंकुश लग सकता था।
भ्रष्ट लोगों का मिला है संरक्षण
डीजल बेचने वाले चालकों और डिपो के कर्मचारियों को मुख्यालय में डटे भ्रष्ट लोगों का संरक्षण मिला है। पूर्व में डीजल चोरी में जिन चार चालकों को लखनऊ से ट्रांसफर कर दिया गया था, वे सभी साठगांठ कर दोबारा लखनऊ के डिपो में काबिज हो गए है। इसके साथ ही फिर से डीजल चोरी कर बेच रहे हैं।
मांगी जाएगी जिम्मेदारों से रिपोर्ट
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक तकनीकी जयदीप वर्मा का कहना है कि डिपो के पंप से बसों को दिए जाने वाले डीजल के लेखा-जोखा की जिम्मेदारी आरएम, एसएम और एआरएम की होती है। इन्हें रोजाना डीजल के रजिस्टर की जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी चाहिए, पर ऐसा नहीं हो रहा है। इस सिलसिले में रिपोर्ट मांगी जाएगी।