रोड कॉरीडोर से मथुरा, काशी, झांसी व गोरखपुर को जोड़ेगी योगी सरकार, है खास मकसद
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यूपी सरकार का चार या छह लेन का एक ऐसा रोड कॉरिडोर बनाने का विचार है जो मथुरा, काशी, झांसी और गोरखपुर को जोड़ेगा। इसके माध्यम से योगी आदित्यनाथ सरकार अपने सांस्कृतिक व राष्ट्रवादी एजेंडे को धार दे सकती है। सरकार ने नई औद्योगिक नीति के जरिए पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश पर विशेष जोर दिया है।
औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में रोड कॉरिडोर की योजना का खुलासा किया गया है। इसके अलावा सरकार नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तरह लखनऊ-कानपुर, कानपुर-इलाहाबाद तथा वाराणसी-इलाहाबाद क्षेत्र का विकास कर यहां औद्योगिक व निजी औद्योगिक पार्कों को बढ़ावा देगी।
पांच साल में प्रदेश के 25 जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्रों के आधुनिकीकरण का भी प्रस्ताव है। प्रदेश के टियर-2 व टियर-3 शहरों में आईटी पार्क स्थापित करने वाले निजी इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपर्स को भी केस टू केस के आधार पर प्रोत्साहन मिलेगा।
दी जाएगी कई तरह की छूट
सरकार ने ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे के पूरे क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के रूप में डवलप करने का फैसला किया है। इसके लिए तमाम तरह की छूट दी जाएगी।
आईटी इंडस्ट्री को प्रदूषण नियंत्रण व श्रम कानूनों से छूट
सरकार ने आईटी इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए इसे प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है।
इसके अलावा विभिन्न श्रम संबंधी कानूनों के अंतर्गत निरीक्षण में भी छूट मिलेगी। सरकार ने आईटी उद्योगों में चौबीस घंटे सातों दिन तीन शिफ्टों में महिलाओं को नौकरी देने की भी अनुमति देने का फैसला किया है।
व्यापारियों की चिंता करेगा व्यापार कल्याण बोर्ड
व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए व्यापार कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाएगी। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर जिले में एक विशेष मध्यस्थता प्राधिकरण बनेगा। इसके अलावा वाणिज्यिक गतिविधियों के प्रशासनिक ढांचे को सरल बनाया जाएगा।
स्टार्ट-अप के लिए वेंचर कैपिटल फंड
स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए उद्यम पूंजीगत निधि (वेंचर कैपिटल फंड) स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी व निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों, प्रबंधन संस्थानों व अन्य तकनीकी संगठनों में इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।
छह हस्तशिल्प केंद्र स्थापित होंगे
कारीगरों व युवा उद्यमियों को डिजाइन, विनिर्माण व विपणन में आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में छह हस्तशिल्प केंद्र स्थापित होंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन लखनऊ इसके लिए नोडल एजेंसी होगा। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों के लिए 20 से 100 एकड़ के नए मिनी औद्योगिक पार्क की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार इसके लिए जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति के साथ-साथ ब्याज सब्सिडी के रूप में डवलपर को वित्तीय प्रोत्साहन देगी। पार्क में सब स्टेशन स्थापित करने पर सरकार खर्च को साझा करेगी। इसके अलावा क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को उनके प्रतिष्ठान विस्तार, आधुनिकीकरण, कोल्डचेन विकास, मूल्यवर्धन व प्रंसस्करण अवस्थापना, ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक प्रसंस्करण क्षेत्र संग्रह केंद्रों की स्थापना आदि का काम होगा। इसके अलावा मोबाइल प्री-कूलिंग प्रसंस्करण क्षेत्र व संग्र्रह केंद्रों की स्थापना, रेफर वाहन, मोबाइल प्री-कूलिंग वैन के लिए ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मेगा फूड व खाद्य प्रसंस्करण पार्क की स्थापना होगी।
हर चार जिलों पर एकीकृत दुग्ध प्रसंस्करण डेयरी
डेयरी विकास व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डेयरी विकास कोष की स्थापना होगी। इसके अलावा प्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए हर चार जिलों पर एक एकीकृत दुग्ध प्रसंस्करण डेयरी की स्थापना होगी।
केंद्र की वस्त्र पार्क योजना के अंतर्गत प्रस्तावित वस्त्र पार्कों की स्थापना में सरकार मदद करेगी। शहतूत की खेती के लिए क्लस्टर बनेगा और धागाकरण इकाइयों की स्थापना में भी मदद दी जाएगी।
बुलेटप्रूफ जैकेट, पैराशूट के लिए मिलेगी छूट
पूर्वांचल, मध्यांचल व बुंदेलखंड में स्थापित वस्त्रोद्योग इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक टेक्सटाइल, फर्नीचर लाइनिंग, अग्निशमन उपकरण, बुलेटप्रूफ जैकेट, पैराशूट आदि को प्रोत्साहन दिया जाएगा।