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Lucknow News: लाई-चूरा, गट्टा के दाम में उछाल
Sat, 18 Oct 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 18 Oct 2025 12:28 AM IST
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लाई, चूरा व गट्टा की खरीदारी करते लोग।
लखनऊ। दीपावली आते ही बाजारों में चूरा, लाई के दाम में उछाल आ गया है। पूजा में शुभ माने जाने वाले इन पारंपरिक उत्पादों की मांग अधिक होती है, इसीलिए चूरा, खिलौना, गट्टा, लाई व बताशों की कीमतों में दस से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
राजधानी के बाजारों में इस समय चूरा 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि पिछले साल यही चूरा 75 रुपये किलो में था। इसी तरह भुनी लाई 100 रुपये, सामान्य लाई 80 रुपये, तिल गट्टा 130 रुपये (पिछले साल 100 रुपये) और बताशे 120 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। मीठे खिलौने की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
निशातगंज में दुकान लगाने वाले विक्रेता संदीप बताते हैं कि धनतेरस के दो-तीन दिन पहले से ही दुकानें सज जाती हैं और दीपावली से लेकर भाईदूज तक यह रौनक चरम पर रहती है। दीपावली और भाईदूज तक इन सामानों की कीमत भी अधिक हो जाती है। पिछले साल भी 100 रुपये वाला चूरा और तिल गट्टा भाईदूज तक 200 से 250 रुपये किलो तक पहुंच गए थे।
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दूसरे दुकानदार अमित का कहना है कि दीपावली में इनकी मांग कई गुना बढ़ जाती है, जबकि आपूर्ति सीमित रहती है। यही वजह है कि इन पारंपरिक वस्तुओं के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। त्योहार पर इन वस्तुओं को खरीदना भी शुभ माना जाता है। ग्राहक भी मानते हैं कि महंगाई के बावजूद दीपावली की पूजा इन वस्तुओं के बिना अधूरी है।
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राजधानी के बाजारों में इस समय चूरा 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि पिछले साल यही चूरा 75 रुपये किलो में था। इसी तरह भुनी लाई 100 रुपये, सामान्य लाई 80 रुपये, तिल गट्टा 130 रुपये (पिछले साल 100 रुपये) और बताशे 120 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। मीठे खिलौने की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
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निशातगंज में दुकान लगाने वाले विक्रेता संदीप बताते हैं कि धनतेरस के दो-तीन दिन पहले से ही दुकानें सज जाती हैं और दीपावली से लेकर भाईदूज तक यह रौनक चरम पर रहती है। दीपावली और भाईदूज तक इन सामानों की कीमत भी अधिक हो जाती है। पिछले साल भी 100 रुपये वाला चूरा और तिल गट्टा भाईदूज तक 200 से 250 रुपये किलो तक पहुंच गए थे।
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दूसरे दुकानदार अमित का कहना है कि दीपावली में इनकी मांग कई गुना बढ़ जाती है, जबकि आपूर्ति सीमित रहती है। यही वजह है कि इन पारंपरिक वस्तुओं के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। त्योहार पर इन वस्तुओं को खरीदना भी शुभ माना जाता है। ग्राहक भी मानते हैं कि महंगाई के बावजूद दीपावली की पूजा इन वस्तुओं के बिना अधूरी है।

लाई, चूरा व गट्टा की खरीदारी करते लोग।