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तबादलों को लेकर आईएएस व आईपीएस में बढ़ी तनातनी, डीएम ने एसएसपी को पत्र भेजकर ये दी चेतावनी

Sat, 12 May 2018 08:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 12 May 2018 08:07 PM IST
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 rift between dm and ssp due to transfer of station incharge
- फोटो : demo pic
थानेदारों के तबादलों को लेकर जिलों के डीएम व एसएसपी के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। ताजा मामला जिला गौतमबुद्धनगर (नोएडा) का है जहां शुक्रवार को एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने कई थानेदार बदल दिए। पर, जिले के डीएम ने तैनाती के बाद अनुमोदन के लिए पत्र भेजे जाने पर आपत्ति जताते हुए अनुमोदन से साफ इनकार कर दिया।
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डीएम ने इसके साथ ही एसएसपी को पत्र भेजकर यहां तक ताकीद कर दी कि वे शासन के निर्देशों की अवहेलना न करें। नोएडा के डीएम व एसएसपी की इस रार के भविष्य में तूल पकड़ने के आसार बन गए हैं।
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वर्चस्व को लेकर आईपीएस अफसर लंबे अरसे से सक्रिय हैं।

उनकी एसोसिएशन भी इस मुद्दे को उठा चुकी है। मौजूदा व्यवस्था के बजाय पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू कराए जाने के मुद्दे को भी आईपीएस अफसर समय-समय पर उठाते रहे हैं। पिछले दिनों भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था कि जिलों में पुलिस कप्तानों द्वारा थानेदारों की तैनाती के लिए जिला कलेक्टर का अनुमोदन लिए जाने की बाध्यता समाप्त की जाए।
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लेकिन 9 मई को ही प्रमुख सचिव गृह ने पत्र जारी कर आईपीएस अफसरों को स्पष्ट संदेश दे दिया था कि शासन उनकी इस मंशा से एकमत नहीं है। जिलों के कप्तानों को थानेदारों की तैनाती करने से पूर्व जिलाधिकारी से इसके लिए अनुमोदन लिए जाने की पूर्ववत व्यवस्था जारी रहेगी।

पहले प्रस्ताव भिजवाया होता तो सही संदेश जाता

 rift between dm and ssp due to transfer of station incharge
बावजूद इसके बृहस्पतिवार को नोएडा के एसएसपी ने सात इंस्पेक्टरों के तबादले कर दिए। मीडिया को भी इसकी जानकारी दे दी गई। इनमें से कुछ ने नया पदभार भी ग्रहण कर लिया, पर जिले के डीएम को इन तबादलों की जानकारी और अनुमोदन का लेटर शुक्रवार को जारी किया गया।

इससे नाराज डीएम ब्रजेश नारायण सिंह ने एसएसपी को पत्र भेजकर तबादलों का अनुमोदन देने में असहमति जता दी। डीएम ने यहां तक लिख दिया कि इस मामले में दो दिन पहले जो शासनादेश जारी हुआ है, वे उसे संज्ञान में लें। पत्र में यह भी जिक्र किया है कि 10 मई को ही उन दोनों में जो वार्ता हुई थी, उसमें भी उन्होंने (डीएम) उनसे (एसएसपी) कहा था कि आप जिले में अपने विभाग के मुखिया हैं। कार्यहित में जो भी प्रस्ताव लाया जाएगा, उस पर उनके (डीएम) द्वारा अनुमोदन किया जाएगा। शासन की मंशा का अनुपालन सुनिश्चित करना कार्यहित व जनहित में सभी के लिए जरूरी है।

डीएम ने एसएसपी से कहा है कि अगर शासन की मंशा के अनुरूप तबादलों से पहले प्रस्ताव भिजवाया होता तो जनता के बीच सही संदेश जाता। लेकिन अनुमोदन से पूर्व आदेश किए जाने व उन पर क्रियान्वयन होने से जो संदेश जाएगा, उससे शासन के निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना जाहिर होगी।

ऐसे हालात में बाध्य होकर उनके (डीएम) द्वारा प्रस्ताव के अनुमोदन की सार्थकता ही समाप्त मानी जा रही है। कहा है कि वह दुख के साथ तबादलों के  प्रस्ताव को वापस भेज रहे हैं। यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो। काफी कोशिश के बाद भी इस मामले में प्रमुख सचिव गृह से ही संपर्क नहीं हो सका।

वहीं नोएडा के एसएसपी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  उधर, बाराबंकी में जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी के अनुमोदन के बाद ही एसपी वीपी श्रीवास्तव ने शुक्रवार देर शाम आठ उपनिरीक्षकों के तबादले किए।
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