फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   revenue workers in ayodhaya sold 33 hectares land of sita lake

अयोध्या : राजस्व कर्मियों की मिलीभगत, बेच दिया सीता झील का 33 हेक्टेयर हिस्सा

Sat, 27 Jul 2019 09:03 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 27 Jul 2019 09:03 PM IST
सार

पुराने रिकार्ड में डूब क्षेत्र, 2005 से बनी दी गई भू माफियाओं की भूमिधरी
सरेआम हो रही प्लाटिंग, बन रही कालोनी, प्राधिकरण नोटिस देने तक सीमित

विज्ञापन
revenue workers in ayodhaya sold 33 hectares land of sita lake
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में सीता झील वजूद में आने से पहले ही अवैध प्रापर्टी डीलर व राजस्व की मिलीभगत की भेंट चढ़ चुकी है। भूमि के 33 हेक्टेअर भूमि को भूमिधरी में दर्ज कर बड़ा खेल खेला गया है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि संख्या 1359 में फसली दर्ज थी लेकिन वर्ष 2005 के बाद में अवैध रूप से 33 हेक्टेअर भूमि को भूमिधरी दर्ज की गई है। इसमें अवैध प्रापर्टी डीलरों ने अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त की है। 
विज्ञापन


रामनगरी में पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के लिए सीता झील का निर्माण कराए जाने के लिए सर्वे कार्य हुआ है। चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के समानान्तर सीता झील बनाए जाने का खाका सरयू नहर परियोजना ने खींचा है। अफीम कोठी से ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा-अयोध्या तक झील बनेगी। इसी के साथ उसके लिए चयनित जमीन पर कराए गए स्थायी निर्माण खतरे की जद में आ गए हैं। 
विज्ञापन


अधिशासी अभियंता (सरयू नहर) जय सिंह के अनुसार प्रस्तावित सीता झील की अंतरिम आख्या संबंधित कमेटी को वह सौंप चुके हैं। सूत्रों के अनुसार यह चार किलोमीटर लंबी एवं पांच सौ मीटर चौड़ी होगी। सीता झील के वास्ते सर्वे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अयोध्या-फैजाबाद विकास प्राधिकरण की बगैर अनुमति के उस पर स्थायी निर्माण मिले हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राधिकरण इसे अवैध निर्माण बताता है। प्राधिकरण का कहना है कि बंधा के किनारे का क्षेत्र फ्लड जोन में आता है, स्थायी निर्माण के लिए नक्शे की मंजूरी नहीं दी जा सकती। उस पर के सारे निर्माण अवैध हैं। सदर तहसील सूत्रों के अनुसार सीता झील के लिए प्रस्तावित करीब दो सौ हेक्टेअर में से 33 हेक्टेअर भूमिधरी दर्ज है। 

राजस्व अभिलेख में प्रस्तावित जमीन वेटलैंड एवं खसरे में जलमग्न दर्ज है। सर्वे नायब तहसीलदार के अनुसार परिक्रमा मार्ग से बंधे तक की जमीन 1359 फसली में जलमग्न दर्ज है। उसमें कराए गए निर्माण का राजस्व अभिलेखों में जिक्र नहीं है। यह सारे निर्माण 2005-06 में तटबंध निर्माण के बाद का है। तटबंध का निर्माण सिंचाई विभाग ने कराया है।

प्रस्तावित झील में कूड़ा डंपिंग जारी
एनजीटी के निर्देश के बाद शनिवार को नगर निगम प्रशासन सजग नहीं हो पाया। प्रस्तावित झील में फेंका गया कूड़ा उठाए जाने की तैयारी नहीं हो पाई है। शनिवार को भी स्थिति जस की तस बनी रही। हालांकि आसपास के इलाकों में रोज की भांति भूमफिया अपने प्लाटों पर खरीद-फरोख्त करते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed