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Lucknow News: एपीके फाइल भेजकर सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी से 11 लाख की ठगी

Wed, 28 Oct 2026 02:39 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 02:39 AM IST
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Retired healthcare worker swindled out of 11 lakh rupees via an APK file
एपीके फाइल भेजकर सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी से 11 लाख की ठगी
लखनऊ। ठाकुरगंज के बाबा बालकदास पुरम घासमंडी निवासी सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी सितारा खान से जीवन प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर जालसाजों ने 11.05 लाख रुपये ऐंठ लिए। जालसाज ने उन्हें एपीके फाइल भेजी थी। पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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सितारा खान के अनुसार, 25 अक्तूबर को व्हाट्सएप नंबर पर अनजान नंबर से ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र बनवाने का लिंक आया। यह लिंक एपीके फाइल का था। क्लिक करते ही जालसाज ने उनके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद आरोपी ने ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए लिंक भेजा। इस दौरान आरोपी वीडियो कॉल कर फॉर्म भरने में मदद करता रहा। फॉर्म में बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगी गई थी। फॉर्म भरते ही जालसाज ने पांच बार में उनके यूनियन बैंक खाते से 11.05 लाख रुपये निकाल लिए। इसका मैसेज आने पर ठगी का पता चला।
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बहू की सतर्कता से 6 लाख रुपये ठगने से बचे
ठगी की जानकारी पर पीड़िता की बहू ने 1930 पर कॉल कर बैंक खाते को ब्लॉक कराया। ऐसे में खाते में पड़े पांच से छह लाख रुपये बच गए। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि ठगी की रकम फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर ठगी से ऐसे बचें

- जीवन प्रमाणपत्र अपडेट कराने के नाम पर व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल से मिले अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

- बैंक या पेंशन खाते से जुड़ा ओटीपी किसी को न बताएं। फोन पर जानकारी देकर प्रमाणपत्र बनवाने के दबाव में न आएं।
- ठग एनीडेस्क या अन्य स्क्रीन-शेयरिंग एप इंस्टॉल कराकर मोबाइल और बैंकिंग गतिविधियों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे एप अनजान व्यक्ति के कहने पर इंस्टॉल न करें।


- डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए भारत सरकार के आधिकारिक जीवन प्रमाण पोर्टल का उपयोग करें।
- डेबिट कार्ड का सीवीवी, पिन, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें।

- अंगूठे का निशान या अन्य बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण केवल विश्वसनीय और अधिकृत केंद्र पर ही कराएं।
- कोई व्यक्ति पेंशन बंद होने, खाते में पैसा अटकने या तुरंत प्रमाण पत्र अपडेट कराने की बात कहे तो संबंधित बैंक या पेंशन कार्यालय से स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।

- ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें।

- राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- बैंक को सूचित कर खाते और डिजिटल भुगतान माध्यमों को सुरक्षित कराएं।

- कॉल, मैसेज, मोबाइल नंबर, लिंक और बैंक लेनदेन से जुड़े स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।

जीवन प्रमाण पत्र बनवाने का सही तरीका

- आधिकारिक वेबसाइट jeevanpramaan.gov.in पर प्रक्रिया की जानकारी लें।

- घर पर प्रमाणपत्र बनवाने में परेशानी हो तो नजदीकी अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), बैंक या संबंधित सरकारी केंद्र की मदद लें।
-प्रमाण पत्र बनने के बाद मोबाइल पर आए एसएमएस में प्रमाण पत्र आईडी की जांच करें।
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