ओडीओपी उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए देशभर में स्थापित होंगे रिटेल स्टोर
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कैबिनेट की अगली बैठक में इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य ओडीओपी कार्यक्रम को एक विशिष्ट पहचान दिलवाने के लिए इसे ब्रांड के रूप में विकसित करना है। खुदरा दुकानों में उपलब्ध स्थानों के माध्यम से ओडीओपी उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके तहत ग्लो साइन बोर्ड, स्टैंडीज और अन्य प्रचार-प्रसार के माध्यमों से इन खुदरा दुकानों की ओडीओपी स्टोर्स के रूप में ब्रांडिंग की जाएगी। यह योजना उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में लागू होगी, लेकिन उत्तर प्रदेश के बाहर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों तक सीमित रहेगी। ओडीओपी की यह ब्रांडिंग योजना प्रारंभ होने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि तक लागू रहेगी।
ओडीओपी ब्रांडिंग के लिए खुदरा दुकानों का चयन नियमों के तहत किया जाएगा। यह ओडीओपी स्टोर व्यावसायिक स्थानों पर होंगे। नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, अन्य ग्रामीण क्षेत्र, कैंटोनमेंट क्षेत्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और शॉपिंग मॉल में ओडीओपी स्टोर का न्यूनतम कारपेट क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर होना अनिवार्य है।
रेलवे स्टेशनों के लिए तय किए गए कई अन्य मानक
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर कम से कम तीन ओडीओपी उत्पाद स्टोर में प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा। चिह्नित ओडीओपी स्टोर का कुल डिस्प्ले किए गए क्षेत्रफल का न्यूनतम 50 प्रतिशत स्थान ओडीओपी उत्पादों और ब्रांडिंग सामग्री के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों में स्थापित होने वाले ओडीओपी स्टोर में पूरा स्थान इन्हीं उत्पादों के उपयोग में लाया जाएगा।
कोई भी सरकारी, अर्ध सरकारी या निजी विधिक इकाई इस योजना के तहत आवेदन कर सकती है। स्टोर्स पर उन्हीं जिलों से ओडीओपी उत्पाद खरीद कर बिक्री किए जा सकेंगे, जिन जिलों के ओडीओपी उत्पाद के लिए वो चिह्नित होगा। योजना में वही स्टोर पात्र होंगे, जिनका उस स्टोर विशेष के लिए जीएसटी नंबर होगा।
ओडीओपी स्टोर के लिए चयनित आवेदक से एक वर्ष के लिए अनुबंध साइन किया जाएगा। वहीं, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के लिए चयनित आवेदक और आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के बीच 2 वर्ष का अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाएगा, जिसे 1 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों के लिए कई अन्य मानक भी तय किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।
यह मिलेगी आर्थिक सहायता
पंचायत क्षेत्र में स्थापित ओडीओपी स्टोर के लिए 40,000 रुपये, नगर पालिका क्षेत्र में 60,000 रुपये, नगर निगम क्षेत्र में 1,00,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। अनुबंध हस्ताक्षरित होने के 30 दिन के अंदर कुल वार्षिक सहायता का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा।
चयनित आवेदकों को 6 माह की अवधि के लिए बैंक गारंटी भी देनी होगी। योजना के प्रावधानों के अनुसार उपयुक्त पाए जाने पर बैंक गारंटी अवमुक्त कर दी जाएगी। प्रावधानों का पालन न होने पर बैंक गारंटी जब्त की जाएगी। अनुबंध की अवधि 2 वर्षों के लिए बढ़ाई जा सकती है, लेकिन एक समय में केवल 1 वर्ष के लिए ही बढ़ाई जाएगी।
द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के लिए वित्तीय सहायता की सीमा प्रथम वर्ष में प्रदान कुल वित्तीय सहायता की 25 प्रतिशत होगी। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के लिए अलग वित्तीय सहायता प्रस्तावित की गई है। दिल्ली-मुंबई में एयरपोर्ट पर ओडीओपी स्टोर खोलने पर 5 लाख रुपये और रेलवे स्टेशन पर स्टोर खोलने के लिए 2 लाख रुपये, लखनऊ, वाराणसी, पुणे, कोच्चि, बड़ोदरा, अमृतसर, इंदौर, नागपुर, मंगलौर, विशाखापतनम, तिरुपति व अन्य प्रदेश की राजधानियों में स्टोर्स के लिए यह राशि क्रमश: 4 लाख व डेढ़ लाख होगी। इसके अलावा अन्य स्थानों पर एयरपोर्ट पर यह सहायता राशि 3 लाख रुपये व रेलवे स्टेशन पर 75 हजार रुपये होगी।