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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Responsibility of JPNIC handed over to LDA in Lucknow will be started on lines of Indira Gandhi Pratishthan

Lucknow News: एलडीए को सौंपी गई जेपीएनआईसी की जिम्मेदारी, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर होगा शुरू

Sun, 04 May 2025 02:19 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 04 May 2025 02:19 PM IST
सार

आठ वर्ष से बंद जेपीएनआईसी की जिम्मेदारी एलडीए को सौंपी गई है। इसे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर चलाया जाएगा। जेपीएनआईसी सेंटर करीब 90 प्रतिशत तैयार है। फिनिशिंग का काम बाकी था। इस बीच कई वर्षों से बंद इमारत खंडहर होती रही। एसी, लिफ्ट, एस्केलेटर व करोड़ों की लाइटिंग आदि खराब हो गई। इनके रखरखाव पर 70 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

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Responsibility of JPNIC handed over to LDA in Lucknow will be started on lines of Indira Gandhi Pratishthan
जेपीएनआईसी/JPNIC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में आठ वर्षों से बंद जय प्रकाश नारायण इंटरनेशलन सेंटर (जेपीएनआईसी) जल्द ही खुलेगा। सरकार ने इसकी कमान लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंप दी है। हैंडओवर के बाद अब सेंटर की जिम्मेदारी एलडीए की ही होगी। इसे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर चलाया जाएगा।

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एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार जेपीएनआईसी एलडीए को हैंडओवर कर रही है। इसके संचालन के लिए नीतियां बनाई जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि जेपीएनआईसी को बहुउद्देश्यीय सम्मेलन केंद्र के रूप में तैयार किया गया था। करीब 18.6 एकड़ में फैले इस केंद्र का निर्माण वर्ष 2013 में शुरू किया गया था। इसका ठेका रियल एस्टेट कंपनी शालीमार के संजय सेठ को दिया गया।
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वर्ष 2016 तक इस केंद्र की इमारत पर 813 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 11 अक्तूबर 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। ऑल वेदर ओलंपिक साइज स्वीमिंग पूल और बहुउद्देश्यीय कोर्ट में खेलों से जुड़ी प्रस्तुति भी कराई गई। बाद में इस हिस्से को बंद कर दिया गया।

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रख-रखाव पर खर्च होंगे 70 करोड़

अधिकारियों ने बताया कि जेपीएनआईसी को लीज पर देने का फैसला किया गया था। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इसे चलाने के लिए 100 करोड़ रुपये के खर्च का आकलन हुआ, लेकिन सरकार से मंजूरी नहीं मिली। सेंटर का स्वीकृत बजट 864 करोड़ रुपये था। इसे संशोधित कर 920 करोड़ रुपये किया गया। 

लगाए गए थे भ्रष्टाचार के आरोप

वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने जेपीएनआईसी के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। इसके चलते सेंटर को बंद कर दिया गया था।

जेपीएनआईसी की खासियत

जेपीएनआईसी में दो हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल है। इसके अलावा 107 कमरों वाला लग्जरी होटल, जिम, स्पा, सैलून, रेस्त्रां, स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन, टेनिस व स्क्वैश कोर्ट के अलावा डाइविंग पूल भी है। 1200 वाहनों के लिए बहुमंजिला पार्किंग और जयप्रकाश नारायण के जीवन और विचारों से जुड़ा संग्रहालय भी है। 19 मंजिला इमारत में ओपन एयर रेस्त्रां और हेलीपैड भी है।

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