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भाजपा सांसदों को सौ-सौ बूथ की जिम्मेदारी : 2024 में मिशन 75 पूरा करने की बनी रणनीति, लाभार्थियों को साधकर बूथ मजबूत करेगी पार्टी
Sat, 18 Jun 2022 12:32 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 18 Jun 2022 12:32 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव 2024 के तहत भाजपा सांसदों की बूथ सशक्तीकरण कार्यशाला में करीब दर्जन भर सांसद शामिल नहीं हुए। इनमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, संजीव बालियान, पंकज चौधरी, मेनका गांधी, वरुण गांधी, ब्रजभूषण शरण सिंह, विनोद सोनकर शामिल हैं।
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विस्तार
भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 में मिशन 75 को पूरा करने के लिए अपने लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों को सौ-सौ बूथ मजबूत बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को साधकर बूथ मजबूत किए जाएंगे। सांसद लाभार्थियों से नियमित संपर्क व संवाद भी करेंगे। योजनाओं से वंचित परिवारों को लाभांवित कराने का अभियान भी चलेगा।
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भाजपा प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सांसदों की बूथ सशक्तीकरण कार्यशाला में जीत का मंत्र दिया गया। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व बूथ सशक्तीकरण अभियान के प्रभारी बैजयंत पांडा ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 1.63 लाख बूथों में से करीब 1.25 लाख पर जीत मिली थी। पार्टी ने बूथवार परिणाम के आधार पर उन्हें ए, बी और सी श्रेणी में बांटा है। पांडा ने कहा कि एक लोकसभा क्षेत्र में 4-5 विधानसभा क्षेत्र हैं। प्रत्येक सांसद को उनके संसदीय क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में 25-25 कमजोर बूथों पर लगातार प्रवास करना होगा। इसमें स्थानीय कार्यकर्ताओं, बूथ कमेटी व विधायकों उनकी मदद करेंगे।
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18 जुलाई से पहले शुरू होगा अभियान
प्रत्येक सांसद को पहले चरण में सौ-सौ बूथों पर प्रवास, संपर्क व संवाद कर वहां की कमजोरी का पता लगाकर उनका समाधान करना होगा। लाभार्थियों से संपर्क कर उन्हें पार्टी से जोड़ना होगा। पांडा ने कहा कि 18 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो सकता है। ऐसे में बूथ सशक्तीकरण का पहला चरण उससे पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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हारी हुई 16 सीटों पर विशेष फोकस
भाजपा को पिछले लोकसभा चुनाव में 80 में से 64 सीटें मिली थीं। जबकि बसपा को दस, सपा को पांच और कांग्रेस को एक सीट मिली थी। भाजपा ने बसपा के कब्जे वाली सीटों के लिए अलग से रणनीति बनानी शुरू कर दी है, क्योंकि यह पार्टी लगातार कमजोर हो रही। वहीं, अमेठी के बाद इस बार रायबरेली को भी कांग्रेस से छीनने की योजना है। सपा के कब्जे वाली सीटों पर भी पार्टी नए सिरे से काम करेगी।
बैठक में शामिल नहीं हुईं मेनका समेत दर्जन भर सांसद
लोकसभा चुनाव 2024 के तहत भाजपा सांसदों की बूथ सशक्तीकरण कार्यशाला में करीब दर्जन भर सांसद शामिल नहीं हुए। इनमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, संजीव बालियान, पंकज चौधरी, मेनका गांधी, वरुण गांधी, ब्रजभूषण शरण सिंह, विनोद सोनकर शामिल हैं। जबकि पार्टी ने प्रदेश के सभी लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। उधर, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की सांसद बेटी संघमित्रा मौर्य की कार्यशाला में उपस्थिति चर्चा का विषय रही। बैठक में केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय, एसपी सिंह बघेल, साध्वी निरंजन ज्योति, कौशल किशोर, बीएल वर्मा सहित अन्य मंत्री शामिल हुए। इनके अलावा पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर भी बैठक में मौजूद रहे।
मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि पार्टी 2024 में यूपी में 75 सीटें जीतकर देश में लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 25 जून को आपातकाल की बरसी और 6 जुलाई को जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर पर्यावरण संरक्षण दिवस के कार्यक्रमों को भी बूथ स्तर तक आयोजित करने को कहा।