लांग रूट की ट्रेनों के रिजर्वेशन में सहूलियत, लाखों को होगा फायदा
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रेलवे ने अब यह पाबंदी हटा ली है। इस बाबत सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। गौरतलब है कि लंबी दूरी की मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में उन यात्रियों को टिकट नहीं मिलता था, जो कम दूरी के स्टेशनों की यात्रा करना चाहते थे।
मसलन, शताब्दी एक्सप्रेस में लखनऊ से कानपुर के लिए रिजर्वेशन की सुविधा यात्रियों को नहीं थी। इससे यात्रियों को सेकंड क्लास में पैसेंजर ट्रेनों या फिर मेमू ट्रेनों से सफर करना पड़ता था। लेकिन अब यह प्रतिबंध खत्म हो गया है। रेलवे बोर्ड की ओर से गत पांच जनवरी को इस बाबत सर्कुलर जारी किया जा चुका है।
खाली सीटों का होगा इस्तेमाल, बढ़ेगा राजस्व
रेलवे अधिकारियों की मानें तो मेल व एक्सप्रेस में अपर क्लास के रिजर्वेशन के लिए कम से कम 160 किमी. की दूरी अनिवार्य थी। जबकि स्लीपर क्लास में यह दूरी कम से कम 400 किमी. होनी चाहिए थी। इससे कम दूरी के टिकट नहीं बनते थे।
उत्तर रेलवे के एक अधिकारी बताते हैं कि पुराने नियम के मुताबिक लंबी दूरी की ट्रेनों में छोटी दूरी के स्टेशनों के टिकट न मिलने से काफी सीटें खाली रह जाती थीं।
मसलन, अगर ट्रेन लखनऊ से दिल्ली के लिए चलती है और यात्रियों ने कानपुर से टिकट रिजर्व करा रखे हैं तो वे सीटें लखनऊ व कानपुर के बीच खाली ही रहती थीं। अब इन सीटों पर रिजर्वेशन होगा, जिससे रेलवे को राजस्व भी मिलेगा।