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Lucknow News: लखनऊ में मिशन की तैयारी, हैदराबाद से अंतरिक्ष में फहराया तिरंगा
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अंतरिक्ष में तिरंगा फहराने वाली टीम के सदस्य।
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लखनऊ। गणतंत्र दिवस पर जब देशभर में भारतीय तिरंगा फहराया जा रहा था, उसी समय लखनऊ में रहने वाले तीन दोस्तों ने एक ध्वज हैदराबाद से हाइड्रोजन बलून के सहारे 118,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर भेजा। इतनी ऊंचाई पर जहां माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ 90 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, वहां न सिर्फ भारतीय तिरंगा फहराया बल्कि राष्ट्रगान भी बजाया।
आइए मिलवाते हैं आपकों इन तीनों दोस्तों से। हैदराबाद स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से लौटने के बाद उन्होंने अपने इस मिशन और इससे जुड़ी कई रोचक जानकारियां साझा कीं। इन्हें कलाम लैब को फोर्ब्स-30 अंडर 30 की सूची में भी जगह मिल चुकी है।
मूल रूप से लखनऊ निवासी अहमद फराज बताते हैं कि सशक्त त्रिपाठी कोटा से हैं और हर्षित त्रिपाठी कानपुर से। हम तीनों ने बिट्स पिलानी से डिग्री लेने के बाद कलाम लैब के नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया है। यह स्टार्टअप बच्चों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूक करने की पहल है। हमारा सपना है कि 20-25 साल बाद ये बच्चे किसी भारतीय अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बन सकें, उसका नेतृत्व कर सकें। हिंदी सिनेमा जगत के अभिनेता ऋतिक रोशन ने भी उनके इस अभियान को प्रमोट किया था। फराज बताते हैं कि हमने ई-मेल के जरिए उनकी टीम से संपर्क किया था।
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दो महीने में पूरी हुई तैयारी, बनाया पेलोड
तीनों दोस्तों ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान बताया कि जो भी चीज अंतरिक्ष में भेजी जाती है उसे पेलोड कहा जाता है। हमने एल्युमीनियम का एक फ्रेम तैयार किया, उसे उच्च घनत्व वाले थर्माकोल से कवर किया। अंदर हमने रेडियो सॉन्डी (सिग्नल देने वाला यंत्र) फिट किया। इसके अलावा जीपीएस जीएसएम और दो कैमरा, दो पावर बैंक (10 एमएच) एक सिस्टम राष्ट्रगान बजाने के लिए और एक सिस्टम अलग से रखा गया। पेलोड का पूरा भार तीन किलोग्राम, इसमें एक पैराशूट भी शामिल रहा।
इस सफलता में ये बच्चे भी रहे शामिल
तीनों दोस्तों ने जिन बच्चों को इस अभियान का हिस्सा बनाया, उनमें स्वर्णिम प्रभात, अद्वित्या मान सिंह, अपूर्व तिवारी, विराट गौतम, आर्यन प्रताप सिंह, अपूर्व गुप्ता, नवीन माथुर शामिल हैं। ये सभी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के बच्चे हैं।
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आइए मिलवाते हैं आपकों इन तीनों दोस्तों से। हैदराबाद स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से लौटने के बाद उन्होंने अपने इस मिशन और इससे जुड़ी कई रोचक जानकारियां साझा कीं। इन्हें कलाम लैब को फोर्ब्स-30 अंडर 30 की सूची में भी जगह मिल चुकी है।
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मूल रूप से लखनऊ निवासी अहमद फराज बताते हैं कि सशक्त त्रिपाठी कोटा से हैं और हर्षित त्रिपाठी कानपुर से। हम तीनों ने बिट्स पिलानी से डिग्री लेने के बाद कलाम लैब के नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया है। यह स्टार्टअप बच्चों और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूक करने की पहल है। हमारा सपना है कि 20-25 साल बाद ये बच्चे किसी भारतीय अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बन सकें, उसका नेतृत्व कर सकें। हिंदी सिनेमा जगत के अभिनेता ऋतिक रोशन ने भी उनके इस अभियान को प्रमोट किया था। फराज बताते हैं कि हमने ई-मेल के जरिए उनकी टीम से संपर्क किया था।
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दो महीने में पूरी हुई तैयारी, बनाया पेलोड
तीनों दोस्तों ने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान बताया कि जो भी चीज अंतरिक्ष में भेजी जाती है उसे पेलोड कहा जाता है। हमने एल्युमीनियम का एक फ्रेम तैयार किया, उसे उच्च घनत्व वाले थर्माकोल से कवर किया। अंदर हमने रेडियो सॉन्डी (सिग्नल देने वाला यंत्र) फिट किया। इसके अलावा जीपीएस जीएसएम और दो कैमरा, दो पावर बैंक (10 एमएच) एक सिस्टम राष्ट्रगान बजाने के लिए और एक सिस्टम अलग से रखा गया। पेलोड का पूरा भार तीन किलोग्राम, इसमें एक पैराशूट भी शामिल रहा।
इस सफलता में ये बच्चे भी रहे शामिल
तीनों दोस्तों ने जिन बच्चों को इस अभियान का हिस्सा बनाया, उनमें स्वर्णिम प्रभात, अद्वित्या मान सिंह, अपूर्व तिवारी, विराट गौतम, आर्यन प्रताप सिंह, अपूर्व गुप्ता, नवीन माथुर शामिल हैं। ये सभी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के बच्चे हैं।