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रामजन्मभूमि परिसर में होगी राममंदिर के लिए शेष पत्थरों की तराशी

Tue, 22 Sep 2020 09:22 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 22 Sep 2020 09:22 PM IST
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Remaining stones will be carved for Ram temple in Ramjanmabhoomi complex
कार्यशाला में रखे पत्थर - फोटो : अमर उजाला
श्रीराम जन्मभूमि में भव्य राममंदिर की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंदिर निर्माण के लिए जरूरी मशीनें जन्मभूमि परिसर पहुंच चुकीं हैं। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के इंजीनियर्स की निगरानी में टेस्ट पाइलिंग का काम भी शुरू हो चुका है। अब तय हुआ है कि राममंदिर निर्माण के लिए शेष पत्थरों की तराशी का काम श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ही किया जाएगा। परिसर में कार्यशाला खोलने की तैयारी है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार अक्तूबर से यहां कार्यशाला का काम प्रारंभ हो सकता है।
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श्रीराम जन्मभूमि न्यास की कार्यशाला में राममंदिर की पहली मंजिल के लिए तराश कर रखे गए पत्थरों को परिसर में पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए एलएंडटी की टीम पत्थरों की नाप-जोख में जुटी हुई है। परिसर में पत्थरों को ले जाने के लिए रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में जमा किए गए पत्थरों को चिह्नित करते हुए उनकी नाप-जोख की जा रही है।
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कार्यशाला की देखरेख कर रहे मनोज सोमपुरा ने बताया कि एलएंडटी के कर्मचारियों के साथ कार्यशाला में रखे सामान्य पत्थरों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। अब राममंदिर के लिए शेष पत्थरों की तराशी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ही कार्यशाला खोलकर की जाएगी। यह इसलिए किया जा रहा है कि जिससे पत्थर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में क्षतिग्रस्त न हों।
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पत्थरों को रखने की व्यवस्थाएं मंदिर निर्माण एजेंसी एलएंडटी ने शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि अक्तूबर में राम मंदिर के नींव की खोदाई शुरू हो जाएगी। इसलिए अब जल्द ही पत्थरों को रामजन्मभूमि परिसर में पहुंचाया जाएगा। बताया कि रामजन्मभूमि न्यास की कार्यशाला में राममंदिर की पहली मंजिल के लिए करीब सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी की जा चुकी है। वर्षों से खुले आसमान में होने के कारण इनकी चमक धूमिल पड़ गयी थी, इसलिए इन्हें चमकाने का काम भी किया जा रहा है। शीघ्र ही तराशे गए पत्थरों व अनगढ़े पत्थरों को रामजन्मभूमि परिसर में पहुंचा दिया जाएगा। ताकि आगे का काम तेजी से शुरू हो सके।

राममंदिर में लगने वाले पत्थरों को लेकर कोई अड़चन नहीं

Remaining stones will be carved for Ram temple in Ramjanmabhoomi complex
ram mandir - फोटो : अमर उजाला
श्रीराम जन्मभूमि कार्यशाला के संचालक मनोज सोमपुरा ने साफ कर दिया है कि पत्थर खरीदी की तैयारियां तेज हैं। भव्य राम मंदिर में लगने वाले पत्थरों को लेकर कोई अड़चन नहीं है। नियम के अनुसार ही पत्थरों का आयात किया जा रहा है। रोजाना ही ठेकेदार बंशी पहाड़पुर के पत्थरों के लिए उनसे संपर्क कर आपूर्ति की बात कह रहे हैं, लेकिन आपूर्ति सिर्फ उन्हीं ठेकेदारों से ली जाएगी जो नियमों के मुताबिक सही होंगे। ढांचे में बदलाव की वजह से करीब डेढ़ लाख फीट पत्थर ज्यादा लगने की संभावना जताई जा रही है।

रामसेवकपुरम में सुरक्षित रखे हैं 20 हजार घनफुट पत्थर
राम मंदिर के लिए विश्व हिंदू परिषद ने बहुत पहले ही बंशी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों को जमा करना शुरू कर दिया था। अयोध्या के कारसेवकपुरम कार्यशाला में राम मंदिर में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर पत्थरों पर नक्काशी और तराशी का काम भी हो चुका है। देश में सदियों से जस की तस खड़ी तमाम इमारतें व किले बंशी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से ही बने हैं। संसद भवन, लालकिला, बुलंद दरवाजा सहित अक्षरधाम और इस्कॉन के अधिकांश मंदिरों में बंशी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है। बताया गया कि रामसेवकपुरम स्थित कार्यशाला में 20 हजार घनफुट पत्थर अब रखे गए हैं जो कि तराशे नहीं गए हैं। अब इन पत्थरों को रामजन्मभूमि में कार्यशाला खुलने पर वहां पहुंचाया जाएगा।

परिसर में कार्यशाला के लिए स्थान चिह्नित
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में कार्यशाला खोलने के लिए एलएंडटी ने स्थान भी चिह्नित कर लिया है। इसके लिए परिसर में 500 व 200 फीट के दो बड़े स्थान और मजदूरों को काम करने के लिए 100/100 फीट की जगह को चुना गया है। इस जगह की साफ-सफाई कर यहां मिट्टी का समतलीकरण किया जा रहा है। इसके बाद जैसे ही पानी और बिजली की व्यवस्था हो जाएगी, वैसे ही 20 दिन के बाद पत्थरों की तराशी का काम यहां शुरू करा दिया जाएगा। ट्रस्ट ने हाईपावर कनेक्शन व ओवरहेड टैंक के लिए विभाग में अप्लाई किया है।
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