फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   registration in primary school down from last year

नहीं चला स्कूल चलो अभियान, पिछले साल से भी कम हुए नामांकन

Sat, 04 Aug 2018 12:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 04 Aug 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
registration in primary school down from last year
स्कूल चलो - फोटो : amar ujala

बेसिक शिक्षा विभाग का स्कूल चलो अभियान फेल साबित हुआ है। प्रदेश के 50 जिलों के राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2018-19 में विद्यार्थियों का नामांकन 2017-18 की तुलना में बहुत कम रहा है। खुद बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल का गृहजिला बहराइच नामांकन में फिसड्डी रहे दस जिलों में शामिल है। वहां गत वर्ष की तुलना में 12585 विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है।

विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग के 1 लाख 13 हजार 249 प्राथमिक विद्यालयों में गत वर्ष 1 करोड़ 16 लाख 93 हजार 800 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। वहीं 45,701 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 37 लाख 28 हजार 247 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। इस प्रकार 1 लाख 58 हजार 950 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 1 करोड़ 54 लाख 22 हजार 47 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। 
विज्ञापन


प्रदेश में शिक्षा से वंचित 4 से 14 वर्ष तक की आयु के शत प्रतिशत बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए 1 अप्रैल से 30 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान चलाया गया। अभियान में 30 जुलाई तक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1 करोड़ 51 लाख 1 हजार 247 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। यानी गत वर्ष की तुलना में 3 लाख 20 हजार 800 विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने नामांकन कम रहने पर 50 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने बीएसए को नामांकन बढ़ाने के लिए पाबंद करते हुए अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सिंह ने कहा कि नामांकन नहीं बढ़ाने वाले अधिकारियों  के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। 

यह भी रही वजह

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्कूलों में निशुल्क यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, निशुल्क पाठ्यपुस्तकें, निशुल्क स्कूल बैग समय पर वितरित नहीं होने से नामांकन पर असर पड़ा। वहीं, सहायक अध्यापक अभियान के दौरान अपना अंतरजनपदीय तबादला कराने के जुगाड़ में लगे रहे। सहायक अध्यापकों और शिक्षामित्रों ने घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने में रुचि नहीं दिखाई। खंड शिक्षा अधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों के स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा नहीं की गई।

इन जिलों में कम हुआ नामांकन

आगरा, अलीगढ़, अंबेडकर नगर, औरैया, बागपत, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, भदोही, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फैजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, जौनपुर, झांसी, अमरोहा, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, ललितपुर, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, संभल, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, सोनभद्र और सुल्तानपुर।

नामांकन में फिसड्डी 10 जिले
जिला              2017                 2018          नामांकन में कमी
सीतापुर          383621              353513      30108
प्रतापगढ़         175959            154198          21761
बरेली               243778            223990         19788
गोंडा             261429               241940       19489
फैजाबाद       152557            136089         16468
बलिया          221565              207344          14221
बहराइच    332562                 319977           12585    
आगरा      178836                 167062         11744
मैनपुरी    100954                   89516           11438
जौनपुर    295245                  284376    10859 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed