योगी सरकार ने मदरसों को दिया एक और मौका, अब 9 सितंबर तक करा सकेंगे पंजीकरण
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योगी सरकार ने मदरसों को पंजीकरण का एक और मौका दिया है। मदरसा शिक्षा परिषद के वेबपोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने वाले मदरसे अब नौ सितंबर तक अपना डेटा अपलोड कर सकेंगे। इसी दिन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) अपने डिजिटल हस्ताक्षर से डेटा को लॉक करेंगे। गौरतलब है कि अब प्रदेश के करीब 2,682 मदरसों ने पोर्टल पर अपना डेटा अपलोड नहीं किया है।
मदरसा शिक्षा परिषद ने मदरसों के फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिये madarsaboard.upsdc.gov.in वेबपोर्टल तैयार करवाया है। इस पर मान्यता प्राप्त तहतानियां, फौकानियां, आलिया और उच्च आलिया स्तर के सभी 19143 मदरसों को अपना डेटा ऑनलाइन करना था। इनमें 4536 मदरसों को आलिया स्तर (कक्षा 8 से ऊपर) की मान्यता हासिल है। इन मदरसों के छात्र-छात्राएं मुंशी-मौलवी, आलिम, कामिल व फाजिल की परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं।
पोर्टल पर मदरसों को शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्रों के विवरण के अलावा भवन का फोटो और कक्षों की माप का विवरण देना था। इस निर्देश के बाद 16,461 मदरसों ने विवरण अपलोड किया जबकि 2,682 मदरसों ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में इन मदरसों की मान्यता पर तलवार लटक रही है।
वहीं, दो हजार से ज्यादा ऐसे मदरसे हैं जिन्होंने पंजीकरण तो करा लिया पर कुछ कमियों की वजह से विवरण ऑनलाइन नहीं कर पाये। बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडेय ने बताया कि सरकार ने मदरसों को एक और मौका देने के लिये 9 सितंबर तक पोर्टल खोलने का फैसला लिया है।
आधुनिकीकरण योजना वाले मदरसों को मिलेगा लाभ
पोर्टल का सबसे ज्यादा लाभ आधुनिकीकरण योजना वाले मदरसों को मिलेगा। निरीक्षण के बाद डेटा लॉक न होने से योजना के शिक्षकों का वेतन काफी समय से लटका है। बोर्ड के रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रदेश में कुल 8534 मदरसे योजना में चयनित हैं। इनमें से 6841 मदरसों ने विवरण पोर्टल पर डाला है जबकि 601 ने विवरण ऑफलाइन दिया है। पोर्टल के दोबारा खुलने से बचे 1092 मदरसे भी विवरण अपलोड कर सकेंगे।