अतीक ने कहा था, जेल में न होता तो तेरी बोटियां काटकर बिरयानी बनवा लेता
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देवरिया जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के दो गुर्गों की गिरफ्तारी और बेटे व साथियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिशों के बाद भी रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल दहशत में है। अतीक और उसके गुर्गों द्वारा जेल में दी गई यातनाओं की जानकारी देते हुए मोहित ने कहा कि दस्तावेज पर दस्तखत कराने के साथ अतीक ने धमकी दी थी कि जेल में न होता तो बोटियां काटकर बिरयानी बनवा लेता।
मोहित ने बताया कि गोमतीनगर इलाके में रियल एस्टेट कारोबार के दौरान एक ब्रोकर से नजदीकी बनी थी। उसने जमीन के धंधे में इलाके के गुंडों द्वारा आए दिन परेशान करने और उगाही को लेकर बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद का संरक्षण दिलाने की बात कही थी।
तीन साल पहले अतीक अहमद असलहाधारी गुर्गों के साथ मोहित के ऑफिस में पहुंचा और अपने गुर्गों फारूख व जकी अहमद को संरक्षण का निर्देश देकर चला गया। कुछ दिनों बाद दोनों गुर्गों ने मोहित से रंगदारी वसूलनी शुरू कर दी।
इस पर मोहित ने अतीक से संपर्क करके मोटी रकम देकर पीछा छुड़ाने का प्रयास किया। बकौल मोहित, चार महीने पहले दोनों गुर्गों ने उसे फिर से धमकाया और कंपनी में निदेशक बन बैठे। ऑफिस पर कब्जा जमाने के बाद कंपनी हड़पने का साजिश शुरू कर दी।
कारोबारी खुद गाड़ी चलाकर देवरिया जेल पहुंचा था
मोहित का कहना है कि 26 दिसंबर की सुबह ऑफिस में मौजूद गुर्गों ने उसे देवरिया जेल जाकर अतीक अहमद से मुलाकात की धमकी दी। मोहित के साथ दोनों गुर्गे एसयूवी में सवार हो गए। उनके इशारे पर मोहित खुद गाड़ी चलाकर देवरिया जेल के गेट पर पहुंचा। अतीक का बेटा उमर अपने गुर्गों के साथ पहले से वहां मौजूद था। सभी लोग मोहित को जेल के भीतर ले गए। वहां अतीक ने उसे बेतहाशा पीटा। दोनों गुर्गे कंपनी के लेटरहेड व अन्य दस्तावेज साथ ले गए थे।
कारोबारी की सुरक्षा में पुलिस तैनात
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मोहित जायसवाल और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उसके घर पर भी सशस्त्र पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।