फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Read how Samajwadi Party decides its candidates MLC Election.

UP: लंबी जद्दोजहद के बाद तय हो सके सपा के विधान परिषद प्रत्याशी, कई सीटों पर समीकरण साधने का प्रयास

Tue, 12 Mar 2024 12:49 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 12 Mar 2024 12:49 AM IST
सार

सपा ने किरण पाल कश्यप के सहारे पश्चिम में पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। गुड्डू जमाली को विधान परिषद में भेजने से आजमगढ़ सीट पुनः पाने की रणनीति पर काम किया गया है।

विज्ञापन
Read how Samajwadi Party decides its candidates MLC Election.
सपा के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। - फोटो : amar ujala

विस्तार

समाजवादी पार्टी लंबी जद्दोजहद के बाद नामांकन के आखिरी दिन अपने विधान परिषद प्रत्याशी फाइनल कर सकी। बताते हैं कि सपा नेतृत्व बलराम यादव की जगह आलोक शाक्य को विधान परिषद भेजना चाहता था, लेकिन बलराम यादव की जिद के आगे आलोक शाक्य दौड़ से बाहर हो गए। सपा ने पूर्व मंत्री किरण पाल कश्यप को उतारकर जहां पश्चिमी यूपी में गैर यादव पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को साधने की कोशिश की है, वहीं पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को विधान परिषद में भेजने के पीछे की मंशा आजमगढ़ सीट पर पुनः जीत हासिल करना है।

विज्ञापन


सपा सूत्रों के मुताबिक, सपा नेतृत्व गुड्डू जमाली और किरण पाल कश्यप को विधान परिषद का टिकट देना पहले ही तय कर चुका था। गुड्डू जमाली आजमगढ़ लोकसभा का पिछला उपचुनाव बसपा के टिकट पर लड़े थे। उन्हें 2.66 लाख वोट मिला, जिससे सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव 8679 मतों से हार गए थे। गुड्डू जमाली हाल ही में सपा में शामिल हुए हैं और उन्हें विधान परिषद में भेजकर सपा आजमगढ़ के अपने दुर्ग को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन


किरण पाल कश्यप सपा के संस्थापक सदस्य हैं, कई बार जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। पूरब से पश्चिम तक कई सीटों पर कश्यप बिरादरी का प्रभाव है। किरणपाल कश्यप के सहारे जहां सपा ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उसे अपने पुराने कार्यकर्ताओं की चिंता है, वहीं कश्यप मतदाताओं को साधने की भी योजना है। पश्चिम में रालोद के सपा से अलग होने के बाद अन्य जातियों पर फोकस बढ़ाने की सपा की रणनीति का भी यह हिस्सा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सपा सूत्रों का कहना है कि रविवार की देर रात तक मैनपुरी के जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य को टिकट देने पर मंथन होता रहा। लेकिन, यह तभी संभव था, जब बलराम यादव को अवसर नहीं दिया जाता। बताते हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बलराम यादव और आलोक शाक्य को एक साथ बैठाकर बात भी की। बलराम यादव अपनी उम्र का हवाला देते हुए टिकट देने की मांग पर अड़े रहे। इस पर आलोक शाक्य ने खुद ही अपनी दावेदारी वापस लेने की बात कही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed