{"_id":"61d58f4a63f1216f7270f1f1","slug":"read-an-interesting-story-related-to-nd-tiwari","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतीत का झरोखा: एनडी तिवारी ने लोहिया से जीप चलवाकर कराया सड़क का उद्घाटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतीत का झरोखा: एनडी तिवारी ने लोहिया से जीप चलवाकर कराया सड़क का उद्घाटन
Wed, 05 Jan 2022 06:00 PM IST
ishwar ashish
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 05 Jan 2022 06:00 PM IST
सार
नारायण दत्त तिवारी उत्तर प्रदेश के इतिहास में वह पहले राजनेता हैं जिन्हें दो प्रदेशों का मुख्यमंत्री रहने
का गौरव हासिल हुआ। पढ़ें उनके बारे में रोचक किस्सा:
विज्ञापन
एनडी तिवारी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
स्व. नारायण दत्त तिवारी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के इतिहास में वह पहले राजनेता हैं जिन्हें दो प्रदेशों का मुख्यमंत्री रहने का गौरव हासिल हुआ। पहले तीन बार उत्तर प्रदेश के और फिर उत्तराखंड बनने पर वहां के मुख्यमंत्री बने।
विज्ञापन
तिवारी जी ने 1942 के आंदोलन के दौरान डॉ. लोहिया को नौजवानों का हीरो बताया था। उत्तर प्रदेश के गठन के बाद 1951-52 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में नैनीताल सीट से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर वह विधानसभा पहुंचे। पर, तिवारी के चुनाव लड़ने के पीछे एक बड़ा रोचक किस्सा है।
विज्ञापन
समाजवादी चिंतक दीपक मिश्र बताते हैं कि तिवारी जी विद्यार्थी जीवन से ही समाजसेवी थे। उन दिनों नैनीताल का खुटानी-विनायक मार्ग बना नहीं था। तिवारी जी ने क्षेत्र के लोगों को एकत्र किया और उनसे श्रमदान का आग्रह किया। आसपास के गांव वालों के श्रमदान के सहयोग से एक सप्ताह में एक किमी सड़क का निर्माण कराकर तिवारी ने यह दिखा दिया कि एकजुटता से क्या कुछ नहीं हो सकता।
विज्ञापन
डॉ. लोहिया ने स्वयं जीप चलाकर इस मार्ग का उद्घाटन किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत ने श्रमदान को सरकार के रचनात्मक आंदोलन के रूप में स्वीकार कर लिया। वहीं, डॉ. लोहिया ने तिवारी जी को चुनाव लड़ाने का फैसला कर लिया।