आरबीआई ने दिया धोखा, यूपी में अब नहीं बदले जाएंगे पुराने नोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब किसी नागरिक को अपने पास अगर दबे-छिपे 500 या 1000 रुपये का पुराना नोट मिलता है तो खुश होने की जरूरत नहीं, उसकी कीमत कागज से बढ़कर कुछ नहीं रही। इसे किसी संग्रहकर्ता को सौंप दें।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नया सरकुलर जारी किया है। इसके तहत अब ये पुराने नोट यूपी में तो नहीं बदले जाएंगे। नोट बदलने के लिए देश में पांच जगह निर्धारित की गई हैं। लेकिन वहां भी उन्हीं नागरिकों के नोट बदले जाएंगे जो 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक देश के बाहर थे या एनआरआई हैं।
जबकि आरबीआई के पहले के निर्देशों में कहा गया था कि 30 दिसंबर 2016 के बाद रिजर्व बैंक के कार्यालयों से नोट बदले जाएंगे और इसके लिए विशेष काउंटर लगाए जाएंगे।
नए सरकुलर में आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर पी विजया कुमार ने बताया है कि जो नागरिक देश से बाहर होने के कारण 30 दिसंबर तक नोट नहीं बदलवा सके उनके नोट दो जनवरी से 31 मार्च 2017 तक बदले जाएंगे।
इसके लिए उनके बैंक खाते का नो योर कस्टमर कंप्लायंस पूरा होना चाहिए। ऐसी ही व्यवस्था एनआरआई के लिए की गई है। साथ ही बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे ग्राहकों को सहयोग करने के लिए अलग से व्यवस्था करें और सात दिन में उनका केवाईसी पूरा करवाएं।
इसके लिए बैंकों को अपने कार्यालयों में अलग से नोडल ऑफिसर के तौर पर महाप्रबंधक स्तर का अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। लेकिन यह व्यवस्था दो महीने विदेश में रहे लोगों या एनआरआई के लिए ही है।
नोटिफिकेशन में धोखा
इससे पहले 8 नवंबर 2016 को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि अगर वे 30 दिसंबर तक पुराने नोट नहीं बदलवा पाते हैं तो उन्हें आरबीआई द्वारा निर्धारित कार्यालयों में दस्तावेजों के साथ अपना पैसा जमा कराने का मौका मिलेगा।
लेकिन 31 दिसंबर के नए नोटिफिकेशन में सभी को सिर्फ धोखा मिला। विदेश गए ग्राहकों को तो पहले भी दिया था विकल्प आठ नवंबर के नोटिफिकेशन में भी देश से बाहर रह रहे लोगों के लिए आरबीआई ने पहले से विशेष व्यवस्था थी।
इसके तहत उनसे कहा गया था कि वे लिखित में किसी भारतीय को अपने नोट एक्सचेंज करवाने या अपने बैंक खाते में जमा कराने के लिए अधिकृत कर सकते हैं।
यूपी में आरबीआई के कानपुर और लखनऊ में दो क्षेत्रीय कार्यालय हैं। लेकिन विदेश में रहे नागरिकों को नोट बदलवाने या अपने खातों में जमा कराने के लिए इनमें से कोई कार्यालय मदद नहीं देगा। विजया कुमार के अनुसार इसके लिए केवल मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और नागपुर के आरबीआई को ही अधिकृत किया गया है।
वहीं पुराने नोट जमा कराने की कोई सीमा नहीं रखी गई है, यानी कितनी भी मात्रा में नोट जमा करवाए जा सकते हैं। साथ में बैंक खाते, पहचान पत्र, विदेश में रहने के साक्ष्य, पासपोर्ट पर इमिग्रेशन स्टांप, बैंक स्टेटमेंट, आधार कार्ड आदि भी दिखाने होंगे। एनआरआई के अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये रखी गई है। इससे ज्यादा रकम फेमा के नियमों के अनुसार जमा करवाई जा सकती है।