लखनऊ में लाखों राशन कार्ड होंगे निरस्त
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खाद्य सुरक्षा योजना के अप्रैल से लागू होने के बाद राजधानी के करीब सवा दो लाख लोग सस्ता राशन पाने से वंचित हो जाएंगे। प्रस्तावित योजना में बीपीएल और एपीएल कार्डधारियों की श्रेणी भी खत्म हो जाएगी।
जिले में अभी करीब नौ लाख लोगों को राशन कार्ड आवंटित है। योजना में तीन लाख या इससे अधिक की सालाना पारिवारिक आय वाले परिवार को शामिल नहीं किया जाएगा। इसको लेकर जारी निर्देश के तहत जिले के 53 हजार अन्त्योदय कार्डधारी को छोड़ बीपीएल और एपीएल कार्डधारियों में से शहरी क्षेत्र में 64.5 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 79.78 फीसदी कार्डधारियों को ही सस्ती दर अनाज दिया जाएगा।
एडीएम आपूर्ति ओपी राय ने बताया कि पात्र लोगों का पता लगाने के लिए नए सिरे से सर्वे और सत्यापन कराए जाएंगे। इसके तहत योजना के दायरे में आने वाले नए लाभार्थी परिवारों को शामिल किया जाएगा। वहीं, इसके दायरे से बाहर होने वाले कार्डधारियों की पहचान कर उनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
आय तीन लाख या अधिक तो कार्ड नहीं
खाद्य सुरक्षा योजना लागू होने के बाद अन्त्योदय कार्डधारियों के इतर बस एक श्रेणी के राशन कार्ड ही योजना के मानक पूरे करने वाले परिवारों को सस्ती दर पर खाद्यान्न वितरण के लिए जारी होंगे। उन्होंने बताया कि मानक के तहत तीन लाख या इससे अधिक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा योजना की सूची से बाहर किया जाएगा।
प्रस्तावित योजना के तहत सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की सालाना आय की गणना की जाएगी। यदि परिवारी की कुल आय सालाना 3 लाख या उससे अधिक हुई तो उसे योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। सर्वे और सत्यापन के दौरान नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों की कंप्यूटराइज्ड लिस्ट के आधार पर परिवार के मुखिया के अलावा अन्य कमाऊ सदस्यों की वार्षिक आय की गणना की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा योजना के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शी सिद्धांतों के आधार पर ही जिले में पात्र परिवारों का चयन किया जाएगा। इसके लिए शामिल किए गए पात्रों की सूची, योजना से बाहर किए गए अपात्रों की सूची और अवशेष परिवारों की सूची तैयार होगी।