रेप के आरोप में महिला को आठ साल की सजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लड़की को घर बुलाकर नशीला पदार्थ पिलाने और गैंगरेप करवाने के मामले में शुक्रवार को एडीजे विष्णु चंद्र की अदालत ने आवास विकास कालोनी हंसपुरम नौबस्ता की शशि पाल को आठ साल की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका।
शशि पाल को धारा 376 (रेप) और दुष्प्रेरणा का दोषी ठहराया गया। साक्ष्य के अभाव में शशि की बेटी को बरी कर दिया गया।
अधिवक्ताओं के मुताबिक यह मामला नजीर हो सकता है। याद नहीं कि इससे पहले रेप के मामले में किसी महिला को सजा मिली हो।
चकेरी निवासी एक लड़की (18) ने 22 मार्च 2013 को नौबस्ता थाने में रेप की तहरीर दी थी लेकिन मामला नहीं दर्ज किया गया। इसके बाद लड़की ने जून 2013 में एसीएमएम की अदालत अर्जी लगाई।
...और आदेश पर दर्ज कर लिया गया मुकदमा
इस पर अदालत ने नौबस्ता थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इस पर मामला दर्ज हुआ। लड़की ने बताया था कि वह हंसपुरम नौबस्ता में शशि पाल के पास ब्यूटी पार्लर का कोर्स कर रही थी। इसी दौरान शशि और उसकी बेटी ने शरबत में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया जिससे वह बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में कई लोगों ने उससे रेप किया।
जब होश आया तो शशि से शिकायत दर्ज कराई लेकिन उसने जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इस मामले की सुनवाई एडीजे की अदालत ने की। शासकीय अधिवक्ता राजेश्वर तिवारी ने बताया कि अदालत में शशि पाल की साजिश खुल गई। तमाम साक्ष्य भी मिले लेकिन यह पता नहीं चल सका कि रेप किन-किन लोगों ने किया था।
इसलिए अदालत ने शशि पाल को ही दोषी माना और सजा सुना दी। इस मामले में शशि की बेटी को भी आरोपी बनाया गया था लेकिन साक्ष्य न होने से अदालत ने उसे बरी कर दिया।