गायत्री के बाद अब रेप के आरोपी इन नेताओं के पीछे पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सत्ता का रसूख भी अजब चीज है। जब तक सत्ता थी पुलिस सैल्यूट मार रही थी, सत्ता बदली तो वही पुलिस हाथों में हथकड़ी लेकर माननीयों को पकड़ने के लिए दौड़ने लगी है।
सूबे में नई सरकार का अभी गठन नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस के तेवर पूरी तरह बदल गए हैं। जो अपराधी कल तक ढूंढे नहीं मिल रहे थे, उन्हीं अपराधियों को वही पुलिस ढूंढ कर आसानी से निकाल रही है।
पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति के तीनों साथी गिरफ्तार किए गए। फिर लखनऊ पुलिस ने गायत्री को भी गिरफ्तार कर लिया। अलीगढ़ में हत्या के एक मामले में सपा के जिला उपाध्यक्ष शान मियां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आने वाले दिनों में कुछ और बड़े लोगों की गिरफ्तारियां पुलिस कर सकती है। गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी के बाद अब दुष्कर्म के दो अन्य आरोपियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। सुल्तानपुर से सपा के पूर्व विधायक अरुण वर्मा और खलीलाबाद के पूर्व विधायक और पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अयूब की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
अरुण वर्मा पर गैंगरेप व हत्या का केस
सुल्तानपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से सपा के पूर्व विधायक अरुण वर्मा पर किशोरी को अगवाकर गैंगरेप करने के साथ ही उसकी हत्या का आरोप है। पिछले फरवरी महीने में उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप है कि जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 18 सितंबर 2013 को अपनी मां का इलाज कराने के लिए सुल्तानपुर आई थी। वहां से किशोरी को अगवाकर सुल्तानपुर गेस्ट हाउस ले जाकर गैंगरेप किया गया था।
इस मामले में किशोरी के पिता ने 19 नवंबर 2013 को कोर्ट में सपा विधायक अरुण वर्मा समेत आठ आरोपियों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाया। विवेचना में पुलिस ने अरुण वर्मा को क्लीन चिट दे दी थी।
वहीं, कोर्ट में गवाही के दौरान पीड़िता भी अपने बयान से पलट गई। बाद में उसके पिता ने अरुण वर्मा को तलब करने के लिए कोर्ट को अर्जी दी है। इस पर 18 मार्च को सुनवाई होनी है।
उधर, बीते 12 फरवरी को पीड़िता की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अरुण वर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
डॉ. अयूब पर भी है रेप का आरोप
अंबेडकर नगर की एक लड़की के परिवारीजनों ने पूर्व विधायक डॉ. अय्यूब पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए लखनऊ के मड़ियांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि पांच साल पहले लड़की की मुलाकात डॉ. अयूब से हुई।
डॉ. अयूब उसे डॉक्टर बनाने का झांसा देकर उसका यौन शोषण करते रहे। लड़की जब बीमार हुई तो उसका इलाज अपने ही अस्पताल में करने लगे। गलत इलाज के कारण जब लड़की की तबीयत बिगड़ी तो उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
परिवारीजनों की तहरीर पर मड़ियांव थाने में मुकदमा दर्ज हुआ और मृतका के भाई का बयान कोर्ट में दर्ज कराया गया। इस मामले में पुलिस डॉ. अयूब का बयान दर्ज कर चुकी है।
पुलिस की छानबीन में लखनऊ में डॉ. अयूब के आवास पर लड़की के आने-जाने की पुष्टि हुई है। साथ ही कॉल डिटेल में भी दोनों के बीच लंबी बातचीत की पुष्टि हुई थी।