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हवा में उड़कर हनुमानजी लाएंगे संजीवनी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 24 Sep 2014 01:15 PM IST
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एलईडी स्क्रीन पर जलती लंका, पल-पल आकार बढ़ाता कुंभकरण, विनाशक अस्त्र-शस्त्र की टंकार। सूबे के सबसे विशालकाय रावण का युद्ध के लिए मैदान में उतरना और बहुत कुछ।
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नगर की सबसे पुरानी ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला इस बार इस कदर हाईटेक होगी कि देखने वालों का मजा दोगुना हो जाएगा।
मंचन के तमाम प्रसंग इस बार डिजिटली होंगे और तीन दशक बाद राम और रावण युद्ध के साक्षी बनेंगे प्रदेश के राज्यपाल। यह जानकारी मंगलवार को श्रीरामलीला समिति ऐशबाग के आयोजकों ने प्रेस वार्ता में दी।
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समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि 25 से रामलीला का मंचन शुरू होगा। मंचन शाम को 7 बजे से शुरू होगा। 3 अक्टूबर को रावण दहन, 4 को भरत मिलाप यात्रा और 5 को राजगद्दी प्रसंग होगा।
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इसके लिए लगभग 80 स्थानीय कलाकार व कोलकाता से आए 40 से अधिक कलाकार दिन-रात रिहर्सल में जुटे हैं। मंत्री पं. आदित्य द्विवेदी ने बताया कि इस बार 600 वर्ग फीट की एलईडी के साथ रामलीला पर सीसीटीवी कैमरों की नजर भी रहेगी। दशहरे के दिन 3 अक्टूबर को प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
हवा में उड़ेगा रथ, मैदान में उतरेगी गंगा नदी
डिजिटल मंचन में सीता हरण के बाद रावण का रथ आकाश में उड़ेगा। इसके अलावा जटायु-रावण युद्ध भी आकाश में ही होगा।
आकाशवाणी प्रसंग, माता कौशल्या को भगवान का विराट रूप, दशरथ परलोक गमन, अहिल्या उद्धार प्रसंग, सीता हरण के समय लक्ष्मण रेखा का सजीव होना, हनुमान जी का समुद्र लांघना, संजीवनी लाना, रावण की मायावी शक्तियों, मेघनाद का अदृश्य होना, कुंभकरण का आकार बढ़ना समेत कई लीलाओं का डिजिटल मंचन दिखाया जाएगा।
45 फीट की बैक स्क्रीन के साथ पहली बार दोनों साइड पर 9-9 फीट की स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे भवन, महल, पर्वत, युद्ध के तमाम सीन पूरी तरह से कवर्ड करके दिखाए जा सकेंगे। इसके अलावा कुछ नए सीन भी तैयार किए जा रहे हैं।