{"_id":"5e86ad128ebc3e6fd310152f","slug":"ramlala-birth-anniversary-celebrated-in-new-mandir-after-492-years","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"492 साल बाद नए मंदिर में मना रामलला का जन्मोत्सव, कोरोना के चलते भक्त हुए दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
492 साल बाद नए मंदिर में मना रामलला का जन्मोत्सव, कोरोना के चलते भक्त हुए दूर
Fri, 03 Apr 2020 08:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 03 Apr 2020 08:57 AM IST
विज्ञापन
रामलला का जन्मोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी...की आरती से दोपहर ठीक 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि गूंज उठी। सीमित संख्या में संत-धर्माचार्य और डीएम समेत ट्रस्टियों ने घंटा, घड़ियाल व शंख ध्वनि के साथ 492 साल बाद रामलला को अस्थायी मंदिर के भव्य सजे दरबार में जन्मोत्सव मनाया।
कोरोना वायरस के खौफ से लॉकडाउन के कारण हर साल लाखों की संख्या आने वाले भक्त इस बार सरयू, रामलला, कनक भवन व हनुमानगढ़ी से दूर होने को मजबूर थे।
सुप्रीम कोर्ट से राम जन्मस्थान के पक्ष में आए फैसले के बाद यह पहला जन्मोत्सव था। करोड़ों रामभक्तों समेत संत-धर्माचार्य और विश्व हिंदू परिषद की ओर से इसे भव्यता से मनाने का उत्साह और कार्यक्रम तय थे।
मगर, नवरात्र के पहले कोरोना महामारी को लेकर उपजे हालात में सीमित कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकर नवरात्र के पहले दिन 25 मार्च की भोर में श्रीरामजजन्मभूमि पर टेंट में 27 साल से विराजमान रामलला को अस्थायी बनाए गए भव्य मंदिर में स्थापित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना वायरस के खौफ से लॉकडाउन के कारण हर साल लाखों की संख्या आने वाले भक्त इस बार सरयू, रामलला, कनक भवन व हनुमानगढ़ी से दूर होने को मजबूर थे।
सुप्रीम कोर्ट से राम जन्मस्थान के पक्ष में आए फैसले के बाद यह पहला जन्मोत्सव था। करोड़ों रामभक्तों समेत संत-धर्माचार्य और विश्व हिंदू परिषद की ओर से इसे भव्यता से मनाने का उत्साह और कार्यक्रम तय थे।
विज्ञापन
मगर, नवरात्र के पहले कोरोना महामारी को लेकर उपजे हालात में सीमित कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकर नवरात्र के पहले दिन 25 मार्च की भोर में श्रीरामजजन्मभूमि पर टेंट में 27 साल से विराजमान रामलला को अस्थायी बनाए गए भव्य मंदिर में स्थापित किया।
विज्ञापन
लेकिन लॉकडाउन के कारण राम मंदिर निर्माण के लिए गर्भगृह की मिट्टी का नमूना लेने से लेकर कार्य शुरू करने पर ग्रहण लगा हुआ है। रामलला का जन्मोत्सव भी गुरुवार को सीमित अनुष्ठान के बीच मनाया गया।
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला के अस्थायी मंदिर को गुलाब व गेंदा के फूलों से भव्यता पूर्वक सजाया गया था। दोपहर 11.30 बजे रामलला का पूजन-अर्चन शुरू हुआ।
सर्वप्रथम पंचामृत स्नान कराकर रामजन्मोत्सव के लिए तैयार किया गया, फिर पीला वस्त्र धारण कराया गया। इसके बाद उनका चंदन तिलक किया गया। घड़ी की सुई जैसे ही दोपहर 12 बजे पहुंची, श्रीरामजन्मभूमि परिसर घंटा, घड़िय़ाल व शंख ध्वनि से गूंज उठा।
मुख्य पुजारी के साथ उपस्थित संत-धर्माचार्य और श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्यों ने भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी...की वंदना के साथ रामलला की भव्य आरती उतारी। रामलला को 40 किलो पंजीरी, पेड़ा, फल का फलाहारी भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला के अस्थायी मंदिर को गुलाब व गेंदा के फूलों से भव्यता पूर्वक सजाया गया था। दोपहर 11.30 बजे रामलला का पूजन-अर्चन शुरू हुआ।
सर्वप्रथम पंचामृत स्नान कराकर रामजन्मोत्सव के लिए तैयार किया गया, फिर पीला वस्त्र धारण कराया गया। इसके बाद उनका चंदन तिलक किया गया। घड़ी की सुई जैसे ही दोपहर 12 बजे पहुंची, श्रीरामजन्मभूमि परिसर घंटा, घड़िय़ाल व शंख ध्वनि से गूंज उठा।
मुख्य पुजारी के साथ उपस्थित संत-धर्माचार्य और श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्यों ने भए प्रकट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी...की वंदना के साथ रामलला की भव्य आरती उतारी। रामलला को 40 किलो पंजीरी, पेड़ा, फल का फलाहारी भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
कोरोना के कारण भक्त रामलला के जन्मोत्सव में शामिल नहीं हो सके। इस दौरान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता सहित मंदिर के पुजारी गण ही मौजूद रहे, इन्होंने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रामलला का दर्शन-पूजन किया।