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जरूरत पड़े तो श्रीराम मंदिर के लिए संसद में कानून बनाया जाए : निशंक

Sun, 23 Dec 2018 04:16 PM IST
पूजा मेहरोत्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पूजा मेहरोत्रा Updated Sun, 23 Dec 2018 04:16 PM IST
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ramesh pokhriyal nishank in lucknow.
रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : file photo

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि देश में कोई श्रीराम मंदिर निर्माण के विरोध में नहीं है। यदि किसी को एतराज है तो उसे इंडोनेशिया व मॉरीशस जाकर राम व रामायण का महत्व देखना चाहिए।

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अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। हर चीज संसद में नहीं जानी चाहिए लेकिन यदि जरूरत पड़े तो राम मंदिर के लिए संसद से कानून बनाया जाना चाहिए। बाबर विदेशी आक्रांता था। भारत में भी कोई मुसलमान खुद को बाबर का वंशज नहीं मानता।
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निशंक उत्तराखंड भवन में मीडिया से मुखातिब थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भाजपा भले ही जीत नहीं पाई, लेकिन हारी भी नहीं है। मध्य प्रदेश में मात्र 36 हजार और राजस्थान में सवा लाख वोट और मिल जाते तो भाजपा की सरकार बनती। इन तीनों राज्यों में लोकसभा चुनाव में भाजपा को शानदार कामयाबी मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में फिर सरकार बनेगी। विपक्षी दलों के गठबंधन को उन्होंने भानुमति का पिटारा बताते हुए कहा कि इससे कोई असर नहीं पड़ेगा। सहयोगी दलों की नाराजगी पर कहा कि आने वाले दिनों में सब एकजुट दिखाई देंगे। हनुमानजी की जाति से जुड़े सवाल का उन्होंने सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया। कहा, भगवान सभी के होते हैं। पता नहीं, किसके मन में क्या विचार रहा होगा।

बेटी श्रेयसी बनीं सेना में कमीशंड ऑफिसर

निशंक यहां अपनी बेटी श्रेयसी की सेना में कमीशंड आफिसर के रूप में ट्रेनिंग पूरी होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में औसतन हर परिवार से एक व्यक्ति सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर रहा है।

आमतौर पर कहा जाता है कि राजनीतिज्ञ अपने परिवार के सदस्यों को सेना में नहीं भेजते। उनकी बेटी एमबीबीएस करने के बाद मॉरीशस में मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रही थी। उसने उत्तराखंड की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सेना में जाने का विकल्प चुना। 

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