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राम मंदिर चंदा विवाद: देर रात एक और आरोपी गिरफ्तार, संगठित गिरोह होने की आशंका; दिन में हुए थे 12 लाख बरामद
Sat, 13 Jun 2026 10:49 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:49 PM IST
सार
Ram Mandir donation controversy: राम मंदिर चंदा विवाद में एक के बाद एक गिरफ्तारियां हो रही हैं। शनिवार देर राम रुदौली क्षेत्र में गिरफ्तारी हुई है।
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राम मंदिर चंदा विवाद।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
राम मंदिर चंदा विवाद में एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रुदौली के शुजागंज क्षेत्र के मीनापुर फगौली निवासी एक अन्य युवक को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर जांच के दौरान नकदी भी बरामद हुई है। बरामद नकदी के बाद मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही कई अन्य खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है
दिन में बरामद हुए थे 12 लाख
राम मंदिर के दानपात्र से धनराशि के गबन मामले की जांच के क्रम में रुदौली क्षेत्र के एक गांव में कार्रवाई कर नकदी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान आरोपी कर्मी के घर से करीब 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। हालांकि बरामद धनराशि की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से अभी नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव निवासी लवकुश मिश्रा, जो राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है, से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ट्रस्ट प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी बताई जा रही है। आरोपी के पिता बच्चूलाल ने बताया कि जब यह कार्रवाई हुई, उस समय वह गाजियाबाद में थे। उनके अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग गांव पहुंचे और घर में रखी नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें धनराशि के स्रोत की कोई जानकारी नहीं थी।
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परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि फैजाबाद क्षेत्र में बन रहे मकान को मामले से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बच्चूलाल के अनुसार मकान निर्माण के लिए उन्होंने पूर्व में खरीदी गई जमीन का उपयोग किया है और इसके लिए उन्होंने अपनी लगभग 10-12 बीघा कृषि भूमि गिरवी रखी हुई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य का उनके पुत्र से कोई संबंध नहीं है।
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दिन में बरामद हुए थे 12 लाख
राम मंदिर के दानपात्र से धनराशि के गबन मामले की जांच के क्रम में रुदौली क्षेत्र के एक गांव में कार्रवाई कर नकदी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान आरोपी कर्मी के घर से करीब 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। हालांकि बरामद धनराशि की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से अभी नहीं की गई है।
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जानकारी के अनुसार कोतवाली रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव निवासी लवकुश मिश्रा, जो राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है, से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ट्रस्ट प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी बताई जा रही है। आरोपी के पिता बच्चूलाल ने बताया कि जब यह कार्रवाई हुई, उस समय वह गाजियाबाद में थे। उनके अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग गांव पहुंचे और घर में रखी नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें धनराशि के स्रोत की कोई जानकारी नहीं थी।
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परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि फैजाबाद क्षेत्र में बन रहे मकान को मामले से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बच्चूलाल के अनुसार मकान निर्माण के लिए उन्होंने पूर्व में खरीदी गई जमीन का उपयोग किया है और इसके लिए उन्होंने अपनी लगभग 10-12 बीघा कृषि भूमि गिरवी रखी हुई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य का उनके पुत्र से कोई संबंध नहीं है।
एक वर्ष पहले मिली थी नौकरी
ग्रामीणों के मुताबिक लवकुश मिश्रा पहले निजी कार्य करता था और करीब एक वर्ष पूर्व उसे राम मंदिर परिसर में नौकरी मिली थी। गांव के लोगों का कहना है कि नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव दिखाई देने लगा था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। गांव में यह चर्चा भी है कि जांच के दौरान कुछ धनराशि अन्य स्थानों से भी बरामद की गई है। हालांकि इस संबंध में पुलिस अथवा ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राम मंदिर दानराशि प्रकरण में एफआईआर और उच्चस्तरीय जांच की मांग
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित दानराशि में गबन एवं वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम तिवारी ने कोतवाली अयोध्या और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने व निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के अनुसार मंदिर की दानराशि के प्रबंधन में अनियमितताओं और नकदी बरामदगी की जांच चल रही है व कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसे में दानराशि के दुरुपयोग अथवा गबन की आशंका अत्यंत गंभीर विषय है।
विक्रम ने एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की जांच सीबीआई, ईडी, ईओडब्ल्यू व अन्य सक्षम एजेंसी से कराने की मांग की है। साथ ही दानराशि के संग्रहण, गणना, परिवहन और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराने, सीसीटीवी फुटेज व डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है।
शिकायत में कहा गया है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के अनुसार मंदिर की दानराशि के प्रबंधन में अनियमितताओं और नकदी बरामदगी की जांच चल रही है व कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसे में दानराशि के दुरुपयोग अथवा गबन की आशंका अत्यंत गंभीर विषय है।
विक्रम ने एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की जांच सीबीआई, ईडी, ईओडब्ल्यू व अन्य सक्षम एजेंसी से कराने की मांग की है। साथ ही दानराशि के संग्रहण, गणना, परिवहन और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराने, सीसीटीवी फुटेज व डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है।