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राममंदिर निर्माण: 250 साल पुरानी सीता रसोई पर चली जेसीबी, गिराए जाएंगे एक दर्जन मंदिर

Fri, 28 Aug 2020 08:20 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 28 Aug 2020 08:20 AM IST
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ram mandir 250 year old Sita kitchen demolished by JCB
राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या पहुंचीं एलएनटी की बड़ी-बड़ी मशीनें - फोटो : अमर उजाला
राममंदिर निर्माण के लिए रामजन्मभूमि परिसर में काम की गति तेज हो गई है। ऐसे में राममंदिर के मार्ग पर पड़े रहे जर्जर भवनों व मंदिरों के ध्वस्तीकरण की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रामजन्मभूमि परिसर स्थित करीब 250 वर्ष पुराने सीता रसोई मंदिर को ध्वस्त करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। 
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एलएंडटी की टीमें जेसीबी व अन्य मशीनों के जरिए सबसे पहले सीता रसोई मंदिर को ध्वस्त करने में जुटी हुई हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहले ही बता दिया था कि राममंदिर परिसर में मौजूद करीब एक दर्जन ऐसे प्राचीन मंदिरों को ध्वस्त किया जाएगा। 
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जिनमें करीब तीन दशक से पूजा-अर्चना बंद है। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर से प्राचीन सीता रसोई मंदिर को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि देर शाम तक मंदिर को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
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ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पहले ही बता चुके हैं इन मंदिरों को ध्वस्त किया जाएगा लेकिन इनमें विराजमान गर्भगृह को मंदिर परिसर में ही सुरक्षित रखा जाएगा। जब राममंदिर का निर्माण हो जाएगा तो इन सभी मंदिरों के गर्भगृह को उचित स्थान पर स्थापित कर इनकी पूजा-अर्चना का क्रम प्रारंभ किया जाएगा।

श्रीरामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र ने बताया कि रामजन्मभूमि परिसर में सीतारसोई, कोहबर भवन, आनंद भवन, साक्षी गोपाल सहित करीब एक दर्जन मंदिर हैं जिन्हें ट्रस्ट ने गिराने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में गुरुवार को सीता रसोई के अंदर के हिस्से को गिराने का काम शुरू कर दिया है।

श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंचने लगीं एलएंडटी की बड़ी-बड़ी मशीनें
राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया अब तेज हो चली है। एलएंडटी की बड़ी-बड़ी मशीनें भी श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंचने लगी हैं। ट्रस्ट ने तय किया गया कि तीन से साढ़े तीन साल के भीतर राममंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लेना है। 

इसके लिए एलएंडटी ने तैयारी पूरी कर ली है, इंतजार सिर्फ नींव खोदाई का है। इससे पूर्व निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाली एलएंडटी की बड़ी-बड़ी मशीनें भी श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंचने लगी है। 

पोकलैंड, होम कंटेनर के बाद गुरूवार को फ्यूल टैंक व मिक्सर मशीन भी श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंच गयी है। बताया जा रहा है कि बहुत जल्द ही एलएंडटी के करीब सौ मजदूर भी अयोध्या पहुंचने वाले हैं।
 
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