फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ram Lalla is facing poverty in ayodhya even clothes are not available for him

70 लाख सलाना चढ़ावा आने के बाद भी मुफलिसी का शिकार रामलला, साल में एक ही बार बनते हैं वस्त्र

Wed, 21 Aug 2019 09:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Wed, 21 Aug 2019 09:09 PM IST
विज्ञापन
Ram Lalla is facing poverty in ayodhya even clothes are not available for him

रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला भले ही करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हों पर मुफलिसी उनका पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही। पिछले 27 वर्षों से मेक शिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला को कभी परिधानों के लिए इंतजार करना पड़ता है तो कभी वहां बरसात का पानी टपकने लगता है।

विज्ञापन


यह स्थिति तब है जब रामलला का सालाना चढ़ावा 70 लाख रुपये है। इसके बावजूद खर्च के लाले पड़े हैं। रामलला के खाते में भी सवा दो करोड़ रुपये नकद व चार करोड़ की एफडी है। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि जितना धन ठाकुर जी की पूजा व्यवस्था के लिए मिलता है वह नाकाफी है। जबकि सुरक्षा के नाम पर भी अब तक करोड़ों खर्च हो चुके हैं।
विज्ञापन


विवादित परिसर में स्थित रामलला की सुबह-शाम आरती होती है, भोग और शृंगार किया जाता है लेकिन, सालभर में सिर्फ एक ही बार उनके वस्त्र सिलवाए जाते हैं। हर दिन के हिसाब से सात वस्त्रों के दो सेट अलग-अलग रंगों के होते हैं। हर एक रंग के वस्त्र, दुपट्टा, बिछौना और पर्दे का सेट 11 मीटर कपड़े से तैयार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर किसी वजह से वस्त्र फट जाएं तो इन्हें बदलने और उसका खर्च उठाने के लिए कमिश्नर से अनुमति लेनी पड़ती है। पुजारी के मुताबिक, रामजन्मभूमि मंदिर में औसत करीब 6 लाख रुपये मासिक चढ़ावा आता है लेकिन मंदिर की व्यवस्था के लिए प्रतिमाह 93 हजार रुपये मिलते थे। इसमें प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास को रामलला की सेवा के लिए 13 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक मिलता है।

मंदिर की व्यवस्था में 8 अन्य सहयोगी हैं। इनमें 4 सहायक पुजारी और 4 कर्मचारी हैं। सबके वेतन भी अलग-अलग हैं। इस बार विवादित परिसर के रिसीवर, मंडलायुक्त ने मासिक खर्च में करीब नौ हजार की वृद्धि की है जिसके बाद अब प्रतिमाह एक लाख रुपये मिलने लगेंगे।

10 साल में टेंट बदलने की व्यवस्था

Ram Lalla is facing poverty in ayodhya even clothes are not available for him

रामलला का टेंट पिछले 27 वर्षों में अभी तक दो बार ही बदला गया है, क्योंकि हर 10 साल के अंतराल में टेंट बदलने की व्यवस्था है। पिछली बार इसे 2015 में बदला गया था। यह टेंट वॉटर और फायर प्रूफ है। इसे विशेष रासायनिक लेप के साथ रुड़की के एक संस्थान ने तैयार किया था। इस पर 12 लाख रुपये का खर्च आया था।

सिर्फ रामनवमी पर बनते हैं कपड़े
प्रधान पुजारी के मुताबिक रामनवमी पर हर साल रामलला के लिए जाड़े और गर्मी के मौसम के अनुसार 7-7 सेटों में ड्रेस तैयार करवाई जाती है। इन्हीं को साल भर बदल कर पहनाया जाता है। रोजाना ड्रेस की धुलाई भी नहीं की जाती है। कभी गंदी दिखने पर पुजारी लोग ही परिसर में धुल लेते हैं।

रामनवमी में 9 दिनों तक पूजा अर्चना भोग आदि के लिए 52 हजार रुपये का फंड अतिरिक्त मिलता है, जिसमें 3600 रुपये तो सात सेट ड्रेस की सिलवाई पर खर्च होते हैं। इसी में ही राम जन्मोत्सव के लिए भी व्यवस्था करनी पड़ती है। रामलला की ड्रेस बनाने की जिम्मेदारी मास्टर शंकर लाल श्रीवास्तव के पास है।

कुल खर्च का तीन गुना बिजली का बिल

Ram Lalla is facing poverty in ayodhya even clothes are not available for him

विवादित श्रीरामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के परिसर में सुरक्षा पर अब तक अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक परिसर की डबल पाइप बैरीकेटिंग और तार लगाने पर ही करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

30 लाख रुपये से निगरानी टावर व सुरक्षाकर्मियों के लिए बैरक बनवाई गई हैं। परिसर में बिजली की आपूर्ति के लिए करीब 20 लाख रुपये से पांच जनरेटर खरीदे गए हैं। करीब तीन लाख रुपये प्रतिमाह बिजली का बिल आता है।

सूत्रों ने बताया कि परिसर की सफाई आदि पर ही 1992 से अब तक एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सूत्रों के मुताबिक रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद में आतंकी हमले के बाद से सुरक्षा के लिए करीब दो करोड़ रुपये की लागत से परिसर तथा उसके आसपास चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि परिसर की सुरक्षा के लिए बनी स्थायी समिति की बैठकों पर भी अच्छा-खासा व्यय आता है क्योंकि उस समिति में दिल्ली और लखनऊ से कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेने आते हैं।

कमेटी लेती है खर्च में बढ़ोतरी पर फैसला

Ram Lalla is facing poverty in ayodhya even clothes are not available for him

मंडलायुक्त/रिसीवर मनोज मिश्र का कहना है कि रामलला की सालाना चढ़ावा राशि फिक्स नहीं है केवल मंदिर की पूजा, भोग, ड्रेस पुजारियों के पारिश्रमिक आदि पर ही एक लाख खर्च हो रहे हैं।

व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए कमेटी बनी है जो समय-समय पर समीक्षा कर खर्च में बढ़ोतरी करती है। इस बार भी प्रधान पुजारी की मांग पर लगभग 8800 की वृद्धि रामलला के खर्च में की गई है। मासिक आय-व्यय की रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed