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मैं गैंग दिखाता हूं, लेकिन गैंगस्टर हूं नहीं...
आशुतोष मिश्रा/लखनऊ
Updated Sun, 20 Oct 2013 02:01 AM IST
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‘अंडरवर्ल्ड मरता नहीं, बस रूप बदलता है...’। उसी बदले अंडरवर्ल्ड के नए रूप को सामने लेकर आ रहे हैं राम गोपाल वर्मा। अरसे बाद रामू कैंप की नई फिल्म सत्या-2 शुक्रवार को रिलीज होने जा रही है।
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खुद डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा फिल्म की नई स्टार कास्ट पुनीत सिंह रतन, अनाइका सोनी और आराधना गुप्ता के साथ शनिवार को फिल्म प्रमोशन के लिए लखनऊ पहुंचे।
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आपकी फिल्मों में गैंग और गैंगस्टर ही क्यों उभर कर आते है
अंडरवर्ल्ड में एक गैप को भारतीय सिनेमा दर्शक नहीं देखना चाहता है। सत्या के बाद एक फिल्मकार के तौर पर मुझे भी खुद महसूस हुआ कि कहीं न कहीं कोई गैप दिख रहा है।
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लेकिन, इसका मतलब ये नहीं कि मैं बॉलीवुड में गैंग दिखा रहा हूं, तो मैं खुद भी गैंगस्टर हूं। उन्हें दिखाता जरूर हूं, लेकिन गैंगस्टर नहीं हूं। वैसे एक बात कहूं, लेकिन छापना मत फिल्म की फंडिंग भी वे ही कर रहे हैं (मजाकिया लहजे में)।
फिर ऐसी हिंसक फिल्मों से सवाल उठता है कि इनसे कहीं न कहीं यूथ प्रेरणा लेता है।
मैं पर्दे पर असलियत दिखाता हूं, वो मेरे काम से मुझे जोड़ता है। अब इसे युवा कैसे लेते हैं, ये उनके विवेक पर निर्भर है। उन्हें किसी भी सब्जेक्ट को फिल्म की ही तरह लेना चाहिए।
पुरानी सत्या सफल थी, फिर नई सत्या की जरूरत क्यों, वो भी नये कलाकारों को चांस दे।
पुरानी सत्या का दौर बीत चुका है, वो बेहतरीन फिल्मों में शुमार हुई, लेकिन अब नया जमाना है, नया सत्या नई सोच के साथ मुंबई पहुंचा है।
पुराने सत्या को हालातों ने सत्या बनाया, नया हालातों से नहीं खुद की सोच से इस धंधे में उतर रहा है। बात रही नए कलाकारों को लेकर चांस की तो चांस उन्हें मैं देता नहीं, खुद ही लेता हूं।
फिल्म में आप दाऊद इब्राहिम को रिटायर्ड दिखा रहे है।
दाऊद अब बीती बात हो चुका है, साल में एकाध बार मीडिया उसे हाइप दे देता है, कुछ ब्रेकिंग न्यूज बन जाती है। वरना दाऊद को कौन पूछे।
आपने पिछले दो दशकों से डी कंपनी को कहीं न कहीं अपनी फिल्मों में घसीट रखा है, डर नहीं लगता।
निर्देशक या कलाकार को अपने काम से मतलब होना चाहिये, ये सब बातें तो होती रहती हैं बॉलीवुड में। एज ए परफेक्शनिस्ट बातें असर नहीं करनी चाहिए।
अमिताभ-आमिर के साथ दोबारा काम करने की क्या तैयारी है।
अमिताभ बच्चन सदी के महानायक हैं। उनके साथ फिलहाल एक फिल्म पर बात चल रही है, लेकिन आमिर खान के साथ किसी मुद्दे पर बात नहीं हुई। नहीं लगता कि अब आमिर के साथ कोई फिल्म बन पाएगी।
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर करन जौहर से आए दिन जुबानी मुठभेड़ कब शांत होगा।
ऐसा कुछ नहीं है, हां- कुछ मुद्दों पर नजरिए टकराते रहते हैं।
बस ऐलीवेटर पर देखा और बन गई फिल्म की हीरोइन...
फिल्म सत्या में सीधी सादी प्रेमिका का किरदार निभा रही मूल रूप से लखनऊ की ही रहने वाली अनाइका है। मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करते समय एक दिन मॉल में ऐलीवेटर पर रामू सर ने पहली ही नजर में देखते ही ऑफर दे दिय।
मेरी फिल्म की हीरोइन बनोगी और बस मैं कुछ दिन बाद कैमरा फेस कर रही थी। लखनऊ को मिस करने वाली अनाइका ने बताया कि फिलहाल फिल्म की रिलीज के बारे में ही सोच रही हूं।
लखनऊ से ही जुड़ी दूसरी अदाकारा अराधना गुप्ता ने बताया कि वे फिल्म में सत्या की दोस्त और एक स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस का किरदार निभा रही हैं। अपनी पहली फिल्म में सत्या को जी रहे पुनीत सिंह रतन ने भी नए सत्या के रोल को चैलेंजिंग बताया।