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राहत के साथ परेशानी भी लाई बारिश
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राहत के साथ परेशानी भी लाई बारिश, घर की छत ढही
लखनऊ। बारिश की वजह से जहां एक ओर बुधवार को मौसम खुशगवार रहा तो वहीं दूसरी ओर जगह-जगह जलभराव की वजह से लोगों को समस्या का सामना भी करना पड़ा। कई जगह सड़क धंसने या मकान क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। अलीगंज के बनारसी टोला में बुधवार सुबह करीब पांच बजे जर्जर मकान के एक कमरे की छत ढह गई। मलबे में दबकर एक बुजुर्ग और एक किशोर घायल हो गया। लोगों ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
बारिश शुरू होते ही जर्जर मकान गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इस बारिश का यह पहला मामला है। पिछले साल बारिश के दौरान जर्जर मकानों के ढहने से आधा दर्जन लोगों की जान गई थी। बुधवार को अलीगंज के बनारसी टोला में जो जर्जर मकान ढहा, वह मोहम्मद नबी का है। नबी के दामाद मो. जहीर ने बताया कि उनके ससुर नबी (65 वर्ष), साली का बेटा रिज्जू (16 वर्ष) घर के बीच वाले कमरे में सो रहे थे। बुधवार सुबह पांच बजे अचानक कमरे की छत ढह गई। छत गिरने क ी आवाज सुनकर वह दौड़े। इस बीच पड़ोसी भी आ गए। सबने मिलकर मलबे से नबी और रिज्जू को निकाला। दोनों को महानगर सिविल अस्पताल ले गए। नबी का सिर फट गया है। हाथ-पैर के अलावा पीठ में भी चोटें आई हैं। रिज्जू को अंदरूनी चोटें आई हैं। पार्षद मो. सलीम मौके पर पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। सलीम ने बताया, मकान बहुत पुराना है। मालूम हो कि अमर उजाला ने बारिश से ठीक पहले पिछले साल हुए हादसों को लेकर अफसरों को चेताया था।
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लखनऊ। बारिश की वजह से जहां एक ओर बुधवार को मौसम खुशगवार रहा तो वहीं दूसरी ओर जगह-जगह जलभराव की वजह से लोगों को समस्या का सामना भी करना पड़ा। कई जगह सड़क धंसने या मकान क्षतिग्रस्त होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। अलीगंज के बनारसी टोला में बुधवार सुबह करीब पांच बजे जर्जर मकान के एक कमरे की छत ढह गई। मलबे में दबकर एक बुजुर्ग और एक किशोर घायल हो गया। लोगों ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
बारिश शुरू होते ही जर्जर मकान गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इस बारिश का यह पहला मामला है। पिछले साल बारिश के दौरान जर्जर मकानों के ढहने से आधा दर्जन लोगों की जान गई थी। बुधवार को अलीगंज के बनारसी टोला में जो जर्जर मकान ढहा, वह मोहम्मद नबी का है। नबी के दामाद मो. जहीर ने बताया कि उनके ससुर नबी (65 वर्ष), साली का बेटा रिज्जू (16 वर्ष) घर के बीच वाले कमरे में सो रहे थे। बुधवार सुबह पांच बजे अचानक कमरे की छत ढह गई। छत गिरने क ी आवाज सुनकर वह दौड़े। इस बीच पड़ोसी भी आ गए। सबने मिलकर मलबे से नबी और रिज्जू को निकाला। दोनों को महानगर सिविल अस्पताल ले गए। नबी का सिर फट गया है। हाथ-पैर के अलावा पीठ में भी चोटें आई हैं। रिज्जू को अंदरूनी चोटें आई हैं। पार्षद मो. सलीम मौके पर पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। सलीम ने बताया, मकान बहुत पुराना है। मालूम हो कि अमर उजाला ने बारिश से ठीक पहले पिछले साल हुए हादसों को लेकर अफसरों को चेताया था।
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