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झमाझम बारिश से बढ़ा राप्ती का जलस्तर
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फोटो-6-बलरामपुर के सिसई घाट पर बढ़ा राप्ती नदी का जलस्तर।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। दो दिनों से जिले में झमाझम बारिश हो रही है। इससे मौसम सुहाना हो गया है। लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिल गई है। खेतीबाड़ी का काम भी रफ्तार पकड़ने लगा है। धान की नर्सरी तैयार करने के साथ अन्य फसलों की बोआई की तैयारी शुरू कर दी गई है। पहाड़ों पर भारी बारिश होने से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान आने की आशंका बढ़ गई है। डीएम ने तीनों एसडीएम को राप्ती व पहाड़ी नालों की बाढ़ पर नजर रखने का निर्देश दिया है।
सदर ब्लॉक के सिसई घाट पर तैनात स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर है जबकि गुरुवार सुबह आठ बजे राप्ती का जलस्तर 103.27 मीटर रहा। शाम चार बजे जलस्तर 103.41 मीटर रिकार्ड किया गया जो चेतावनी बिंदु से मात्र 21 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। धीरे-धीरे राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा है।
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में भी बारिश होने से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। राप्ती व पहाड़ी नालों के तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बाढ़ का पानी बढ़ने से राप्ती में कटान भी तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील के तीन सौ गांव राप्ती नदी के तटवर्ती इलाकों में बसे हैं जहां बाढ़ का खतरा है।
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वहीं पहाड़ी नालों के तटवर्ती इलाकों में 50 से अधिक गांव आते हैं जहां के लोग बाढ़ से प्रभावित होते है। अच्छी बारिश होने से किसानों को भी लाभ हुआ है। धान की नर्सरी तैयार करने के साथ-साथ अन्य फसलों की बोआई की तैयारी में किसान जुट गए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुुमार शुक्ल ने बताया कि डीएम श्रुति ने जिले के तीनों एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को राप्ती नदी व पहाड़ी नालों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। कलेक्ट्रेट के साथ-साथ तीनों तहसीलों में बाढ़ व कटान से प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं।
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सदर ब्लॉक के सिसई घाट पर तैनात स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर है जबकि गुरुवार सुबह आठ बजे राप्ती का जलस्तर 103.27 मीटर रहा। शाम चार बजे जलस्तर 103.41 मीटर रिकार्ड किया गया जो चेतावनी बिंदु से मात्र 21 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। धीरे-धीरे राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा है।
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मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में भी बारिश होने से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। राप्ती व पहाड़ी नालों के तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बाढ़ का पानी बढ़ने से राप्ती में कटान भी तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील के तीन सौ गांव राप्ती नदी के तटवर्ती इलाकों में बसे हैं जहां बाढ़ का खतरा है।
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वहीं पहाड़ी नालों के तटवर्ती इलाकों में 50 से अधिक गांव आते हैं जहां के लोग बाढ़ से प्रभावित होते है। अच्छी बारिश होने से किसानों को भी लाभ हुआ है। धान की नर्सरी तैयार करने के साथ-साथ अन्य फसलों की बोआई की तैयारी में किसान जुट गए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुुमार शुक्ल ने बताया कि डीएम श्रुति ने जिले के तीनों एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को राप्ती नदी व पहाड़ी नालों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। कलेक्ट्रेट के साथ-साथ तीनों तहसीलों में बाढ़ व कटान से प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं।