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बाराबंकी : रेल पटरी मिली टूटी, रेल कर्मियों की सूझबूझ से बचा हादसा
Sat, 14 Sep 2019 09:07 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 14 Sep 2019 09:07 PM IST
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टूटी रेल पटरी
- फोटो : अमर उजाला
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बाराबंकी में रेल कर्मियों की सक्रियता से शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। मालगाड़ी गुजरने से ठीक पहले सुबह रघई गांव के पास डाउन लाइन की पटरी टूटी मिली। यह देख कीमैन व गेटमैन ने लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोक दिया। पटरी की अस्थायी मरम्मत करने के बाद मालगाड़ी को गुजारा गया। इसके बाद पहुंची टीम ने पटरी को दुरुस्त किया।
शहर कोतवाली क्षेत्र में रघई गांव के पास रेल क्रासिंग गेट संख्या 179 बी के पास शनिवार की सुबह करीब 6:25 बजे डाउन लाइन की रेल पटरी टूटी मिली। यह पटरी 1071 किमी. के खम्भा संख्या 10 और 12 के बीच टूटी थी। पटरी में लगभग दो इंच का बड़ा गैप था। टूटी पटरी देखते ही कीमैन हरिकेश के होश उड़ गए। उसने आननफानन में गेट पर तैनात कर्मचारी बृजमोहन को जानकारी दी। उसी दौरान डाउन लाइन पर एक मालगाड़ी के आने का संकेत मिला।
दोनों रेल कर्मियों ने सूझबूझ के बाद कई मीटर आगे दौड़कर लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोक दिया। इसके बाद टूटी हुई पटरी पर क्लैंप बांधा। दोनों कर्मचारियों ने टूटी रेल पटरी की अस्थायी मरम्मत कर मालगाड़ी को कॉसन पर गुजारा।
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इसके चलते मालगाड़ी लगभग आधा घंटा ट्रैक पर खड़ी रही। रेल कर्मियों ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने टूटी पटरी की पूरी तरह मरम्मत की। रेलकर्मियों की सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र में रघई गांव के पास रेल क्रासिंग गेट संख्या 179 बी के पास शनिवार की सुबह करीब 6:25 बजे डाउन लाइन की रेल पटरी टूटी मिली। यह पटरी 1071 किमी. के खम्भा संख्या 10 और 12 के बीच टूटी थी। पटरी में लगभग दो इंच का बड़ा गैप था। टूटी पटरी देखते ही कीमैन हरिकेश के होश उड़ गए। उसने आननफानन में गेट पर तैनात कर्मचारी बृजमोहन को जानकारी दी। उसी दौरान डाउन लाइन पर एक मालगाड़ी के आने का संकेत मिला।
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दोनों रेल कर्मियों ने सूझबूझ के बाद कई मीटर आगे दौड़कर लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रोक दिया। इसके बाद टूटी हुई पटरी पर क्लैंप बांधा। दोनों कर्मचारियों ने टूटी रेल पटरी की अस्थायी मरम्मत कर मालगाड़ी को कॉसन पर गुजारा।
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इसके चलते मालगाड़ी लगभग आधा घंटा ट्रैक पर खड़ी रही। रेल कर्मियों ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने टूटी पटरी की पूरी तरह मरम्मत की। रेलकर्मियों की सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया।
कई बार टूटी मिली पटरी
वर्ष 2019 और 2018 के दौरान रेल पटरी टूटने के एक दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। रेल विभाग के अधिकारी इसका कारण जर्जर रेल ट्रैक को बता रहे हैं। उनका कहना है कि कई जगह वर्षों पुरानी पटरियां लगी हैं। बदलने के बजाय उनकी सिर्फ मरम्मत कर दी जाती है। हालांकि कुछ जगह की पटरियां बदली भी गईं। पटरी की खराबी के चलते जनवरी 2018 में एक मालगाड़ी के दस डिब्बे उतर गए थे।
शहर क्षेत्र के रघई गांव के पास रेल पटरी में मामूली फैक्चर हुआ था। इससे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई है। पटरी की मरम्मत करवा दी गई है।
-अमर सिंह, मुख्य रेल पथ निरीक्षक
शहर क्षेत्र के रघई गांव के पास रेल पटरी में मामूली फैक्चर हुआ था। इससे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई है। पटरी की मरम्मत करवा दी गई है।
-अमर सिंह, मुख्य रेल पथ निरीक्षक