इंट्रो के नाम पर सीनियर ने दिए अश्लील टास्क....जिसने भी इन्कार किया पिटा: एलयू में आधी रात रैगिंग
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लखनऊ विश्वविद्यालय में बेखौफ सीनियर छात्रों ने रविवार आधी रात आईएमएस हॉस्टल में घुसकर बीबीए और एमबीए फर्स्ट ईयर के छात्रों की रैंगिंग की। जिसने भी रैगिंग का विरोध किया उसको जमकर पीटा। करीब एक घंटे तक हॉस्टल में हंगामा चलता रहा। पर, लविवि प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। पीड़ित छात्रों ने 11 सीनियर छात्रों के खिलाफ नामजद शिकायत की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटी रैगिंग सेल को मामला सौंपकर जांच कराने की बात कही है।
रात में यूजीसी से शिकायत, सुबह पहुंची पुलिस तब लविवि प्रशासन को हुई जानकारी: स्टूडेंट ने घटना की शिकायत यूजीसी के टोलफ्री नंबर पर रात में दर्ज करा दी थी। इसके बाद सेल के माध्यम से जानकीपुरम थाने को इसकी सूचना दे दी गई। वहां से जब सुबह पुलिस लविवि परिसर पहुंची तो फिर प्रशासन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद छात्रों ने एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वीडी सिंह के पास इसकी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मामला एंटी रैगिंग सेल के पास भेजने की बात कही है।
बीबीए एमबीए के 59 छात्रों की आपबीती...
रात 12.30 बजे 40-50 छात्र घुसे और गेट बंद कर लिया
बीबीए और एमबीए प्रथम वर्ष के 59 छात्रों ने प्रॉक्टर को बताया कि रविवार रात करीब 12.30 बजे करीब 40-50 सीनियर छात्र हॉस्टल में घुस आए। आते ही उन्होंने अंदर से हॉस्टल का गेट बंद कर दिया तथा रैगिंग लेने शुरू कर दी। सबसे पहले सभी को लाइन से जमीन पर बैठने को कहा।
इंट्रो के नाम पर अश्लील टास्क....जिसने भी इन्कार किया पिटा
सबका इंट्रो लिया तथा अश्लील टास्क पूरा करने को कहा। मना करने पर उन्होंने पिटाई शुरू कर दी। दूसरी मंजिल पर रहने वाले एमबीए के स्टूडेंट ने आपत्ति की तो फिर उनकी भी पिटाई कर दी।
न गार्ड...न प्रॉक्टोरियल टीम
करीब घंटे भर तक यह सब चलता रहा। इस दौरान न गार्ड और न तो प्रॉक्टोरियल टीम को कोई भनक लगी। कोई आसपास भी नजर नहीं आया। पीड़ित छात्रों ने यूजीसी के हेल्पलाइन नंबर-18001805522 पर शिकायत दर्ज कराई।
इन 11 सीनियर छात्रों को किया नामजद
छात्रों ने घटना में शिवम सिंह, विरेश तिवारी, हिमांशु वर्मा, शुभम वैश, आकाश सिंह, आदित्य राज वर्मा, मो.अजीज, इरफान अहमद, प्रदीप जायसवाल, कुणाल गुप्ता और अभिषेक पाल को नामजद किया है।
लापरवाही ऐसी : रैगिंग के बावजूद नहीं बढ़ाई सुरक्षा
आईएमएस हॉस्टल में बड़ी घटना घटने के बाद भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। गेट पर न तो चौकीदार था और ना ही कोई गार्ड। ऐसे में छात्रों में दहशत थी। उनका कहना था कि मामले की शिकायत होने की वजह से फिर से सीनियर हमला कर सकते हैं।
प्रॉक्टर को दिया वीडियो
हॉस्टल में एक घंटे तक उत्पात मचाकर जब उपद्रवी छात्र बाहर निकले तो पीड़ित छात्रों ने उनका वीडियो बनाया। वीडियो बनाने के बाद छात्रों ने उसे प्रॉक्टर को दिखाया। वीडियो से फोटोज निकालकर शिकायत के साथ दिया है। प्रॉक्टर ने वीडियो तथा फोटो के आधार पर दोषियों की पहचान करने की बात कही है।
ये कहते हैं लविवि के न्यू कैंपस के एडिशनल प्रॉक्टर
मामले पर लविवि के न्यू कैंपस के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वीडी सिंह का कहना है कि छात्रों को यूजीसी एंटी रैगिंग सेल में शिकायत करने से पहले विवि प्रशासन को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। छात्रों ने इसकी लिखित शिकायत करीब तीन बजे की। शिकायत को एंटी रैगिंग सेल के पास भेज दिया गया है। परीक्षा के समय रैगिंग के मामले आमतौर पर नहीं आते। संभव है कि यह वर्चस्व की लड़ाई हो। बहरहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।