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रैगिंग का खौफः ‘यहां आकर पता चला कि सलामी भी कई तरह की होती है’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:40 AM IST
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डरे सहमे छात्र सलामी देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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केजीएमयू प्रशासन रैगिंग नहीं होने का दावा कर रहा है, लेकिन यहां के हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। छात्रों में दहशत इस कदर है कि वे हॉस्टल से क्लास तक सलामी मारते हुए पहुंचते हैं। यह नजारा सरेआम है। यकीन न हो तो जरा फोटो पर गौर कीजिए।
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केजीएमयू में एडमिशन लेने वाले एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की पहली क्लास में कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने किसी भी कीमत पर रैगिंग नहीं होने देने का संकल्प दोहराया था।
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स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रोफेसर जीपी सिंह और चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आरएएस कुशवाहा ने भी सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होने का दावा किया था। उनका दावा था कि किसी भी कीमत पर यहां रैगिंग नहीं होने पाएगी, पर हालात बता रहे है कि केजीएमयू रैगिंग से अछूता नहीं है। सूत्रों की मानें तो हॉस्टल के गेट पर पहुंचने वाले सीनियर खुलेआम रैगिंग कर रहे हैं। शाम केवक्त एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों का बाहर निकलना मुश्किल है।
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जारी है सीनियर्स की मनमानी
डरे सहमे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित छात्रों ने बताया कि यहां आने पर पता चला कि सलामी भी कई तरह की होती है। सीनियरों ने बाकायदे सलामी के नंबर बताए हैं। यह भी कहा है कि वे जो नंबर बोलेंगे, उसी तरह से सलामी मारते हुए आगे बढ़ना है।
बुधवार को केजीएमयू परिसर में प्रथम वर्ष के छात्रों में रैगिंग की दहशत साफ दिखी। हॉस्टल से निकलने वाले छात्र सिर नीचे करके चलते रहे और बिना किसी को देखे सलामी मारते सॉरी बॉस, सॉरी बॉस बोलते हुए आगे बढ़ रहे थे। केजीएमयू में 2017 बैच के छात्रों से मोबाइल फोन पर रैगिंग का मामला सामने आया था। इस पर दो छात्रों को निकाल दिया गया था।
‘कैंपस में रैगिंग की कोई शिकायत नहीं मिली है। छात्रों के साथ गार्ड रहते हैं। हॉस्टल में भी पर्याप्त सुरक्षा है। एंटी रैगिंग टीम सक्रिय है। सभी के मोबाइल नंबर सार्वजनिक है। किसी भी छात्र को कोई दिक्कत हो रही हो तो तत्काल कॉल कर या मेसेज से सूचना दे सकते हैं। छात्र सलामी मारते हुए क्लास तक जा रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। पूछा जाएगा कि किसके कहने पर ऐसा किया’ - प्रो. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू
बुधवार को केजीएमयू परिसर में प्रथम वर्ष के छात्रों में रैगिंग की दहशत साफ दिखी। हॉस्टल से निकलने वाले छात्र सिर नीचे करके चलते रहे और बिना किसी को देखे सलामी मारते सॉरी बॉस, सॉरी बॉस बोलते हुए आगे बढ़ रहे थे। केजीएमयू में 2017 बैच के छात्रों से मोबाइल फोन पर रैगिंग का मामला सामने आया था। इस पर दो छात्रों को निकाल दिया गया था।
‘कैंपस में रैगिंग की कोई शिकायत नहीं मिली है। छात्रों के साथ गार्ड रहते हैं। हॉस्टल में भी पर्याप्त सुरक्षा है। एंटी रैगिंग टीम सक्रिय है। सभी के मोबाइल नंबर सार्वजनिक है। किसी भी छात्र को कोई दिक्कत हो रही हो तो तत्काल कॉल कर या मेसेज से सूचना दे सकते हैं। छात्र सलामी मारते हुए क्लास तक जा रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। पूछा जाएगा कि किसके कहने पर ऐसा किया’ - प्रो. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू