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रायबरेली रेल हादसा: रिपोर्ट आने से पहले कार्रवाई, इंजीनियर का कश्मीर तबादला, अभियंता पर गिरी गाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 03 Nov 2018 07:24 AM IST
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train accident
- फोटो : अमर उजाला
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रायबरेली के हरचंदपुर में हुए रेल हादसे की रिपोर्ट आने से पहले ही कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में सिग्नल एंड टेलीकॉम के सहायक अभियंता तेजस्वी शर्मा का स्थानांतरण कश्मीर के बड़ागांव कर दिया गया है। शुक्रवार को उन्हें रिलीव कर दिया गया।
मंडल के पर्सनल ऑफिसर केके दीक्षित की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 30 अक्तूबर को जीएम (पर्सनल) ने ट्रांसफर आर्डर रिलीज किया था, जिस पर अमल करते हुए शुक्रवार को सहायक अभियंता को रिलीव कर दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की रिपोर्ट सोमवार तक आ जाएगी।
मालदा टाउन से नई दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस 10 अक्तूबर को हरचंदपुर रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह गाड़ी मेन लाइन से रन थ्रू निकल रही थी, लेकिन प्वाइंट पर गड़बड़ी के चलते गाड़ी लूप लाइन पर दौड़ने लगी।
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पटरी से उतरने के बाद पलट गई। हादसे में इंजन जमीन में धंस गया था तो तीन बोगियां पलटकर दूसरे ट्रैक पर पहुंच गईं थीं। बाकी छह बोगियां पटरी से उतरी थीं। दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि लगभग 38 लोग घायल हुए थे।
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मंडल के पर्सनल ऑफिसर केके दीक्षित की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 30 अक्तूबर को जीएम (पर्सनल) ने ट्रांसफर आर्डर रिलीज किया था, जिस पर अमल करते हुए शुक्रवार को सहायक अभियंता को रिलीव कर दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की रिपोर्ट सोमवार तक आ जाएगी।
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मालदा टाउन से नई दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस 10 अक्तूबर को हरचंदपुर रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह गाड़ी मेन लाइन से रन थ्रू निकल रही थी, लेकिन प्वाइंट पर गड़बड़ी के चलते गाड़ी लूप लाइन पर दौड़ने लगी।
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पटरी से उतरने के बाद पलट गई। हादसे में इंजन जमीन में धंस गया था तो तीन बोगियां पलटकर दूसरे ट्रैक पर पहुंच गईं थीं। बाकी छह बोगियां पटरी से उतरी थीं। दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि लगभग 38 लोग घायल हुए थे।
हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश पर सीआरएस ने पड़ताल शुरू की। इसमें 28 लोगों के बयान दर्ज किए गए। सीआरएस ने घटनास्थल का मुआयना भी किया। शुरूआती जांच में सिग्नल विभाग की ही गलती सामने आई थी।
न्यू फरक्का को मेन लाइन का सिग्नल मिला था और वह लूप लाइन में पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। अभी सीआरएस की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई हैं, लेकिन सहायक अभियंता सिग्नल पर कार्रवाई कर दी गई। हालांकि विभागीय अफसर इसे रुटीन ट्रांसफर बता रहे हैं।
मैकेनिकल और ऑपरेटिंग भी आ सकते हैं दायरे में
सीआरएस जांच की अंतरिम रिपोर्ट आने में अभी तीन-चार दिन लग सकते हैं। फिलहाल अभी तक जो कार्रवाई हुई है, उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। इसमें महज सिग्नल से जुड़े लोग ही निपटाए जा रहे हैं। सीआरएस जांच के बाद बड़े अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि सीआरएस जांच के दौरान जो भी गतिविधियां नजर आईं, उससे तय है कि सिग्नल के साथ ही मैकेनिकल और ऑपरेटिंग के लोग भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, लेकिन अंतरिम रिपोर्ट सामने आए बगैर कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं है।
न्यू फरक्का को मेन लाइन का सिग्नल मिला था और वह लूप लाइन में पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। अभी सीआरएस की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई हैं, लेकिन सहायक अभियंता सिग्नल पर कार्रवाई कर दी गई। हालांकि विभागीय अफसर इसे रुटीन ट्रांसफर बता रहे हैं।
मैकेनिकल और ऑपरेटिंग भी आ सकते हैं दायरे में
सीआरएस जांच की अंतरिम रिपोर्ट आने में अभी तीन-चार दिन लग सकते हैं। फिलहाल अभी तक जो कार्रवाई हुई है, उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। इसमें महज सिग्नल से जुड़े लोग ही निपटाए जा रहे हैं। सीआरएस जांच के बाद बड़े अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि सीआरएस जांच के दौरान जो भी गतिविधियां नजर आईं, उससे तय है कि सिग्नल के साथ ही मैकेनिकल और ऑपरेटिंग के लोग भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, लेकिन अंतरिम रिपोर्ट सामने आए बगैर कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं है।
एएसएम समेत तीन पर पहले ही हो चुकी कार्रवाई
न्यू फरक्का हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे मंडल रेल प्रबंधक सतीश कुमार ने प्रथमदृष्टया हरचंदपुर के एएसएम आशीष कुमार को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। मामले की सीआरएस जांच शुरू होती, उसके पहले स्थानीय स्तर पर कराई गई।
आंतरिक जांच में बछरावां के सीनियर सेक्शन इंजीनियर विनोद शर्मा और कुंदनगंज के इलेक्ट्रिक्लस सिग्नल मेंटेनर अमरनाथ लपेटे में आ गए। इन पर भी निलंबन की गाज गिरी। तीसरी कार्रवाई के तौर पर सिग्नल के असिस्टेंट इंजीनियर लपेटे में आए, जिनका स्थानांतरण किया गया।
आंतरिक जांच में बछरावां के सीनियर सेक्शन इंजीनियर विनोद शर्मा और कुंदनगंज के इलेक्ट्रिक्लस सिग्नल मेंटेनर अमरनाथ लपेटे में आ गए। इन पर भी निलंबन की गाज गिरी। तीसरी कार्रवाई के तौर पर सिग्नल के असिस्टेंट इंजीनियर लपेटे में आए, जिनका स्थानांतरण किया गया।