रायबरेली: राहुल और दिनेश सिंह में दिखी तल्खी, आपस में नहीं हुई बात, बहन प्रियंका पर टिप्पणी करने की दिखी टीस
Rahul Gandhi in Rae Bareli: रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी का आमना-सामना प्रदेश सरकार में मंत्री और राहुल के खिलाफ भाजपा के उम्मीदवार रहे दिनेश प्रताप सिंह से हुआ। इस दौरान दोनों में तल्खी देखने को मिली।
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बहन प्रियंका गांधी पर टिप्पणी के बाद सांसद राहुल गांधी और प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह का मंगलवार को पहली बार आमना-सामना हुआ। दोनों नेताओं की आंखें तो मिली, लेकिन उनके दिल मिलते नहीं दिखे। न ही इस दौरान उनमें कोई गर्मजोशी दिखी। दिशा की बैठक के दौरान राहुल और दिनेश की कुर्सियां आसपास थी। राहुल गंभीर मुद्रा ही रहे। सीधे तौर पर उन्होंने दिनेश से कोई बात नहीं की। इतना जरूर रहा कि बैठक के दौरान जो भी सवाल हुए, उसका जवाब राहुल ने दिया।
एक वक्त था कि प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह गांधी परिवार के सबसे अहम करीबी माने जाते थे। वर्ष 2019 में दिनेश ने कांग्रेस को झटका देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ज्वाइन करने के बाद दिनेश को मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। तब से गांधी परिवार और दिनेश के बीच की दिलों की जो दूरियां हुई, वह आज तक कम नहीं हो पाई हैं। समय-समय पर दिनेश को गांधी परिवार पर हमलावर होते रहते हैं। अक्तूबर माह में वायनाड से चुनाव लड़ने पर दिनेश ने प्रियंका गांधी पर टिप्पणी की तो यह टकराव फिर सामने आ गया। कांग्रेसियों की तरफ से इसको लेकर काफी विरोध प्रदर्शन भी हुआ। दिशा की बैठक में राहुल के भाग लेने पर सबकी निगाहें, इसी बात पर थी कि दिनेश से उनकी क्या बातचीत हो गई। क्या पहले जैसी गर्मजोशी दिखेगी।
साथ खड़े हुए फिर अलग हो गए
डिग्री कॉलेज चौराहा पर शहीद चौक पर स्मारक के उद्घाटन के मौके पर दिनेश सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान राहुल और दिनेश की आंखें मिली और फिर अलग हो गए। दोनों नेता एक साथ तो दिखे, लेकिन उनके दिल मिलते नहीं दिखे। स्मारक के उद्घाटन के बाद राहुल दिशा की बैठक में भाग लेने के बाद बचत भवन पहुंचे। इस दौरान भी राहुल और दिनेश के बीच कोई बातचीत होती नहीं दिखी। बचत भवन में बैठक के दौरान दोनों नेताओं की कुर्सियां आसपास ही थी। राहुल का चेहरा गंभीर मुद्रा में दिखा। इतने करीब बैठने के बाद भी दिनेश से बात नहीं की। ऐसे में जाहिर है कि पहले पार्टी छोड़ने और फिर बहन पर अभद्र टिप्पणी करने से राहुल कितने खफा था। दिशा की बैठक करीब दो घंटे चली। बैठक के बाद राहुल जब चले गए तो दिनेश सिंह ने उन पर हमलावर हो गए। पहले दिनेश ने चुप्पी साध रखी थी।
राहुल की जगह अमेठी सांसद ने दिए जवाब
पहले सोनिया और फिर राहुल के सामने लड़ा चुनाव
रायबरेली की सियासत में उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह अहम चेहरा माने जाते हैं। यही वजह है कि रायबरेली लोकसभा सीट जीतने के लिए भाजपा ने दो बाहर दिनेश को चुनाव मैदान में उतारा। ये दीगर बात रही कि भाजपा का यह मिशन पूरा नहीं हो पाया। दिनेश पहली दफा 2019 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी के सामने मैदान में उतरे थे, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर पाए थे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राहुल गांधी के सामने एक बार फिर दिनेश को चुनाव मैदान में उतारा। इस बार भी वह चुनाव जीतने सफल नहीं हो पाए। राहुल रिकार्ड मतों से जीत हासिल की। वर्ष 2019 के बाद गांधी परिवार और राज्यमंत्री के बीच जो सियासी टकराव शुरु हुआ, वह गाहे-बगाहे होता रहता है।