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रायबरेली : दसवीं के छात्र नैतिक ने किया अविष्कार, अनोखा चश्मा बनाने का दावा, देख सकेंगे दृष्टिहीन
Sun, 19 Dec 2021 09:47 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 19 Dec 2021 09:47 PM IST
सार
छात्र का दावा है कि इस चश्मे के जरिए दृष्टिहीन चेहरा पहचान सकेंगे, अखबार और किताबें पढ़ सकेंगे। छात्र ने अपने इस अविष्कार का प्रोजेक्ट और वीडियो इंस्पायर अवार्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
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इस चश्मे के जरिए दृष्टिहीन चेहरा पहचान सकेंगे
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
महराजगंज (रायबरेली) में दसवीं के एक छात्र ने ऐसा अनोखा चश्मा बनाने का दावा किया है, जिससे दृष्टिहीन भी देख सकेंगे। छात्र का दावा है कि इस चश्मे के जरिए दृष्टिहीन चेहरा पहचान सकेंगे, अखबार और किताबें पढ़ सकेंगे। छात्र ने अपने इस अविष्कार का प्रोजेक्ट और वीडियो इंस्पायर अवार्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। हालांकि अभी इस प्रोजेक्ट पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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महराजगंज क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी किसान मार्तंड श्रीवास्तव का पुत्र नैतिक श्रीवास्तव कक्षा 10 में पढ़ता है। उसने यह हाईटेक चश्मा बनाया है। गांव में दृष्टिहीन रामसेवक की पीड़ा देखने के बाद उसके मन में इस तरह का चश्मा बनाने का विचार आया। नैतिक ने बताया कि उसने काफी खोजबीन की तो इस चश्मे का प्रोजेक्ट तैयार हुआ। छात्र का कहना है कि उसे उम्मीद है कि वैज्ञानिक परीक्षण में उसके प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी और दृष्टिहीनों को नई जिंदगी जीने का सहारा मिल सकेगा।
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न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल सलेथू के छात्र नैतिक ने बताया कि उसके इस प्रोजेक्ट में स्कूल के प्रधानाचार्य राजीव सिंह, शिक्षक प्रियदर्शनी, सुलेमान, देवांश आदि ने सहयोग किया और हमेशा प्रेरित करते रहे। वह नर्सरी से इसी स्कूल में पढ़ रहा है। छात्र का कहना है कि वह देश के लिए कुछ नया करना चाहता है। भविष्य में वह वैज्ञानिक या इंजीनियर बनना चाहता है। प्रधानाचार्य राजीव सिंह ने छात्र नैतिक की इस नई खोज की सराहना की। उम्मीद जताई कि विद्यालय के दूसरे बच्चे भी प्रेरणा लेंगे।
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