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बसपा के बागी चौधरी ने नीतीश की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ

Fri, 15 Jul 2016 09:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 15 Jul 2016 09:29 PM IST
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R K chaudhary joins hand with Bihar CM nitish Kumar.
आरके चौधरी व नीतीश कुमार - फोटो : amar ujala

बसपा के बागी नेता व पूर्व मंत्री आरके चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री व जनता दल यू के अध्यक्ष नीतीश कुमार की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने बहुजन समाज स्वाभिमान संघर्ष समिति (बीएस-4) के बैनर तले 26 जुलाई को राजधानी के महाराजा बिजली पासी किला में होने वाली सामाजिक परिवर्तन रैली में नीतीश कुमार को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है।

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चौधरी ने कहा कि अभी उनका ध्यान रैली की तैयारियों पर है। 2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर 26 जुलाई के बाद फैसला करेंगे।

चौधरी ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों को बताया कि 26 जुलाई को सामाजिक परिवर्तन के जनक छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर ऐतिहासिक रैली होगी। इसमें उतनी ही भीड़ जुटेगी जितनी एक जुलाई 1997 को इसी स्थान पर कांशीराम की रैली में जुटी थी।
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रैली में नीतीश कुमार को बुलाने के सवाल पर बोले, नीतीश ने बहुजन समाज की भावना को देखते हुए रैली में आने की बिना शर्त सहमति दी है। बीएस-4 प्रदेश में बसपा समेत सभी दलों का विकल्प खड़ा करने की कोशिशों में जुटी है। यह रैली उसी कड़ी का हिस्सा है।

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स्वामी प्रसाद मौर्य से हुई मुलाकात लेकिन...

R K chaudhary joins hand with Bihar CM nitish Kumar.

उन्होंने बताया कि स्वामी प्रसाद मौर्य के सम्मेलन के बाद उनसे मुलाकात हुई थी लेकिन उन्हें या बसपा छोड़ने वाले अन्य नेताओं को अभी रैली का निमंत्रण नहीं दिया है। रैली में 10 दिन बाकी हैं। इसमें बसपा के बहुत सारे कार्यकर्ता आएंगे। मिशन के जमीनी कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा के लिए 17 जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों पर बैठकें होंगी।

बसपा का मतलब ब्राह्मण समाज पार्टी
चौधरी ने कहा, कांशीराम ने शाहूजी महाराज, ज्योतिबा फुले, पेरियर और डॉ. अंबेडकर जैसे महापुरुषों की विचारधारा पर काम करने के लिए बहुजन समाज पार्टी का गठन किया था। उनकी मृत्यु के बाद मायावती ने बसपा की दिशा और दशा दोनों ही बदल दी है।

बसपा में घुसपैठ करके मनुवादियों ने उस पर कब्जा कर लिया है। मायावती मनुवादियों के हाथों में खेल रही हैं। बसपा का मतलब अब ब्राह्मण समाज पार्टी होकर रह गया है।

बसपा पर प्रॉपर्टी डीलरों, ठेकेदारों, दबंगों का कब्जा
चौधरी ने कहा कि मायावती को बहुजन समाज के भविष्य की चिंता नहीं है। उनमें अकूत पैसा और प्रॉपर्टी बनाने की हवस बढ़ गई है। पार्टी के जमीनी व मिशनरी कार्यकर्ता नजर अंदाज किए जा रहे हैं।

बसपा में प्रॉपर्टी डीलरों, दबंगों, ठेकेदारों और भू-माफिया को टिकट दिए जा रहे हैं। बसपा सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन नहीं, मायावती की रियल एस्टेट कंपनी बनकर रह गई है। पार्टी में कभी भी सामूहिक बगावत हो सकती है।

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