{"_id":"671a4d7abf229922de019fa6","slug":"punjabi-language-has-a-glorious-history-lucknow-news-c-13-1-lko1020-926768-2024-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: पंजाबी भाषा का इतिहास रहा गौरवशाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: पंजाबी भाषा का इतिहास रहा गौरवशाली
Thu, 24 Oct 2024 07:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 24 Oct 2024 07:06 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से इंदिरा भवन के चतुर्थ तल पर पंजाबी भाषा की उत्पत्ति विषय पर बृहस्पतिवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा ने कहा कि पंजाबी भाषा का गौरवशाली इतिहास है। भारत और पाकिस्तान में में दो भिन्न लिपियों का उपयोग होता है। पहली लिपि है गुरुमुखी और दूसरी शाहमुखी।
दविन्दर पाल सिंह बग्गा ने बताया, साहित्य वेदों से शुरू होकर शास्त्रों-पुराणों, उपनिषदों व महाकाव्य और नाटकों तक फैला हुआ है। मेजर डाॅ. मनमीत कौर सोढ़ी ने कहा कि पंजाबी एक इंडो-आर्यन भाषा है। कार्यक्रम में लखविन्दर पाल सिंह, मनप्रीत सिंह, अरविंद नारायण मिश्र, मीना सिंह, अंजू सिंह, महेंद्र प्रताप वर्मा समेत पंजाबी समाज के लोगों की उपस्थित रही।
विज्ञापन
दविन्दर पाल सिंह बग्गा ने बताया, साहित्य वेदों से शुरू होकर शास्त्रों-पुराणों, उपनिषदों व महाकाव्य और नाटकों तक फैला हुआ है। मेजर डाॅ. मनमीत कौर सोढ़ी ने कहा कि पंजाबी एक इंडो-आर्यन भाषा है। कार्यक्रम में लखविन्दर पाल सिंह, मनप्रीत सिंह, अरविंद नारायण मिश्र, मीना सिंह, अंजू सिंह, महेंद्र प्रताप वर्मा समेत पंजाबी समाज के लोगों की उपस्थित रही।
विज्ञापन