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पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में प्रदर्शन करने जा रहे सपा नेताओं की पुलिस से झड़प
Sat, 05 Sep 2020 04:00 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रावस्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रावस्ती
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 05 Sep 2020 04:00 PM IST
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प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
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श्रावस्ती में इकौना जनपद के गिलौला थाना में पुलिस अभिरक्षा में हुई युवक की मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने दर्जी पुरवा जा रहे समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ राजपाल कश्यप को श्रावस्ती पुलिस ने पीड़ित के गांव से बीस किलोमीटर पहले हीं इकौना तहसील के निकट इकौना तिराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया।
डॉ राजपाल कश्यप को रोकने के लिए अपर जिलाधिकारी योगानन्द पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे, उपजिलाधिकारी इकौना राजेश कुमार मिश्रा समेत भारी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। डॉ राजपाल कश्यप के इकौना तिराहे पर पहुंचते हीं पुलिस कर्मियों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और वापस जाने का दबाव बनाने लगे।
मगर राजपाल कश्यप पीड़ित के गांव जाने की जिद पर अड़े रहे। जिसको लेकर राजपाल कश्यप एवं सपा कार्यकर्ताओं का पुलिस से काफी देर तक झड़प होती रही। पुलिस के कार्यशैली से आहत सपाइयों ने पुलिस एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। इस दौरान लगभग आधे घण्टे तक पुलिस एवं सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होती रही।
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काफी जद्दोजहद के बाद भी जब राजपाल कश्यप आगे नहीं बढ़ सके तो पुलिस एवं सरकार के तानाशाही रवैए के खिलाफ वहीं पर धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद पुलिस उन्हें जबरन गिरफ्तार कर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन भिनगा लेकर चली गयी।
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डॉ राजपाल कश्यप को रोकने के लिए अपर जिलाधिकारी योगानन्द पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे, उपजिलाधिकारी इकौना राजेश कुमार मिश्रा समेत भारी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। डॉ राजपाल कश्यप के इकौना तिराहे पर पहुंचते हीं पुलिस कर्मियों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और वापस जाने का दबाव बनाने लगे।
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मगर राजपाल कश्यप पीड़ित के गांव जाने की जिद पर अड़े रहे। जिसको लेकर राजपाल कश्यप एवं सपा कार्यकर्ताओं का पुलिस से काफी देर तक झड़प होती रही। पुलिस के कार्यशैली से आहत सपाइयों ने पुलिस एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। इस दौरान लगभग आधे घण्टे तक पुलिस एवं सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होती रही।
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काफी जद्दोजहद के बाद भी जब राजपाल कश्यप आगे नहीं बढ़ सके तो पुलिस एवं सरकार के तानाशाही रवैए के खिलाफ वहीं पर धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद पुलिस उन्हें जबरन गिरफ्तार कर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन भिनगा लेकर चली गयी।