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Lucknow News: शव रखकर प्रदर्शन...हंगामा, अज्ञात पर एफआईआर दर्ज
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अनुज की मौत पर बिलखते परिजन।
मोहनलालगंज। पीजीआई में मंगलवार को नगर निगम की लापरवाही से हुई मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा निवासी अनुज कश्यप की मौत के मामले में बुधवार को परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। इस मामले में अनुज के भाई सोनू की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ लापरवाही की एफआईआर दर्ज की गई है।
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को जैसे ही अनुज का शव उनके गांव पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर आक्रोशित हो गए। नाराज लोगों ने शव को गोपालखेड़ा पुल के पास लिंक मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और आवास की मांग करने लगे। लोगों ने मांग पूरी न होने पर शव के अंतिम संस्कार से मना कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। हंगामा बढ़ता देखकर एसीपी रजनीश कुमार व एसडीएम अंकित शुक्ला वहां पहुंचे। दोनों के आश्वासन के बाद नाराज लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बाद शव लेकर घर चले गए।
मां को दी चार लाख की आर्थिक मदद
नगर उपायुक्त ललित कुमार अनुज के घर पहुंचे। उन्होंने अनुज की मां को चार लाख रुपये आर्थिक सहायता दी। उपायुक्त ने परिजनों को सीएम राहत कोष से भी पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से परिवार को डूडा योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम में कार्यदायी संस्था के माध्यम से योग्यता के क्रम में अनुज के भाई को नौकरी दिलाई जाएगी।
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महापौर ने जताया दुख, नगर निगम दी सफाई
महापौर सुषमा खर्कवाल ने दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। वहीं, नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपर नगर आयुक्त ललित कुमार और अरुण कुमार गुप्त को पीड़ित परिवार से मिलने भेजा। नगर निगम का कहना है कि स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के आधार पर मंगलवार को उद्यान विभाग की टीम पेड़ों की नियमित छंटाई के लिए गई थी। छंटाई कार्यस्थल पर रस्सी से बैरिकेडिंग की गई थी और कर्मचारी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्यरत थे। उसी दौरान, कार्यस्थल से लगभग 50 मीटर पहले एक तेज रफ्तार दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया। हादसे में अनुज की मौत हो गई थी।
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पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को जैसे ही अनुज का शव उनके गांव पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर आक्रोशित हो गए। नाराज लोगों ने शव को गोपालखेड़ा पुल के पास लिंक मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और आवास की मांग करने लगे। लोगों ने मांग पूरी न होने पर शव के अंतिम संस्कार से मना कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। हंगामा बढ़ता देखकर एसीपी रजनीश कुमार व एसडीएम अंकित शुक्ला वहां पहुंचे। दोनों के आश्वासन के बाद नाराज लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बाद शव लेकर घर चले गए।
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मां को दी चार लाख की आर्थिक मदद
नगर उपायुक्त ललित कुमार अनुज के घर पहुंचे। उन्होंने अनुज की मां को चार लाख रुपये आर्थिक सहायता दी। उपायुक्त ने परिजनों को सीएम राहत कोष से भी पांच लाख रुपये आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से परिवार को डूडा योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम में कार्यदायी संस्था के माध्यम से योग्यता के क्रम में अनुज के भाई को नौकरी दिलाई जाएगी।
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महापौर ने जताया दुख, नगर निगम दी सफाई
महापौर सुषमा खर्कवाल ने दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। वहीं, नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपर नगर आयुक्त ललित कुमार और अरुण कुमार गुप्त को पीड़ित परिवार से मिलने भेजा। नगर निगम का कहना है कि स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के आधार पर मंगलवार को उद्यान विभाग की टीम पेड़ों की नियमित छंटाई के लिए गई थी। छंटाई कार्यस्थल पर रस्सी से बैरिकेडिंग की गई थी और कर्मचारी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्यरत थे। उसी दौरान, कार्यस्थल से लगभग 50 मीटर पहले एक तेज रफ्तार दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया। हादसे में अनुज की मौत हो गई थी।

अनुज की मौत पर बिलखते परिजन।

अनुज की मौत पर बिलखते परिजन।

अनुज की मौत पर बिलखते परिजन।