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अयोध्या, गोरखपुर व बरेली में प्रमुख सचिव स्तर के आयुक्त की तैनाती का प्रस्ताव, इस तरह पद बढ़ाने की योजना
Sat, 13 Jun 2020 11:30 AM IST
ishwar ashish
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 13 Jun 2020 11:30 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार अयोध्या, गोरखपुर व बरेली में मंडलायुक्त की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को देना चाहती है। इसी तरह लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, वाराणसी और प्रयागराज में नगर आयुक्त तथा आगरा, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ व वाराणसी में विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष पद पर पीसीएस की जगह आईएएस अधिकारियों की नियमित तैनाती के लिए सुरक्षित करना चाहती है।
केंद्र सरकार हर पांच वर्ष पर काडर पुनर्गठन पर विचार करती है। पिछला काडर रिव्यू 2014 में हुआ था। पिछले दिनों केंद्र ने प्रदेश से काडर पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव मांगा था। प्रदेश सरकार ने आईएएस काडर के पुनर्गठन का अौचित्य बताते हुए यूपी काडर के लिए करीब 15 प्रतिशत पद बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। मुख्य सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार तिवारी के निर्देशन में प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय को भेज दिया गया है।
प्रदेश में वर्तमान में लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज व कानपुर मंडल के आयुक्त का पद प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों के लिए आरक्षित है। अयोध्या में राम मंदिर के प्रस्तावित निर्माण, गोरखपुर में तेजी से होते विकास व विस्तार तथा बरेली की संवेदनशीलता के साथ तीनों शहरों की आबादी 10 लाख से अधिक होने के मद्देनजर इन मंडलों के आयुक्त का पद भी प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अफसर के लिए सुरक्षित करने की योजना है।
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पीसीएस काडर के लिए चिह्नित कई ऐसे पदों को आईएएस संवर्ग के लिए तय करने का प्रस्ताव है, जिन पर सरकार समय-समय पर आईएएस अफसरों की तैनाती करती आ रही है। इनमें फील्ड के महत्वपूर्ण पदों के साथ शासन व निदेशालय के कई पद भी शामिल हैं। आईएएस संवर्ग में इस प्रस्ताव से खुशी की लहर है। पीसीएस अधिकारी नगर आयुक्त व विकास प्राधिकरणों के वीसी के पद पर आईएएस अफसरों की तैनाती का मुखरता से विरोध करते रहे हैं।
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केंद्र सरकार हर पांच वर्ष पर काडर पुनर्गठन पर विचार करती है। पिछला काडर रिव्यू 2014 में हुआ था। पिछले दिनों केंद्र ने प्रदेश से काडर पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव मांगा था। प्रदेश सरकार ने आईएएस काडर के पुनर्गठन का अौचित्य बताते हुए यूपी काडर के लिए करीब 15 प्रतिशत पद बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। मुख्य सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार तिवारी के निर्देशन में प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय को भेज दिया गया है।
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प्रदेश में वर्तमान में लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज व कानपुर मंडल के आयुक्त का पद प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों के लिए आरक्षित है। अयोध्या में राम मंदिर के प्रस्तावित निर्माण, गोरखपुर में तेजी से होते विकास व विस्तार तथा बरेली की संवेदनशीलता के साथ तीनों शहरों की आबादी 10 लाख से अधिक होने के मद्देनजर इन मंडलों के आयुक्त का पद भी प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अफसर के लिए सुरक्षित करने की योजना है।
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पीसीएस काडर के लिए चिह्नित कई ऐसे पदों को आईएएस संवर्ग के लिए तय करने का प्रस्ताव है, जिन पर सरकार समय-समय पर आईएएस अफसरों की तैनाती करती आ रही है। इनमें फील्ड के महत्वपूर्ण पदों के साथ शासन व निदेशालय के कई पद भी शामिल हैं। आईएएस संवर्ग में इस प्रस्ताव से खुशी की लहर है। पीसीएस अधिकारी नगर आयुक्त व विकास प्राधिकरणों के वीसी के पद पर आईएएस अफसरों की तैनाती का मुखरता से विरोध करते रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव से विशेष सचिव तक के पद बढ़ाने का प्रस्ताव
एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व आईएएस एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी ने ‘अमर उजाला’ को नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि प्रस्ताव में अपर मुख्य सचिव से लेकर विशेष सचिव स्तर तक 50-52 पदों की वृद्धि की सिफारिश की गई है। इनमें कई नि:संवर्गीय पद पहले से बने हुए हैं और उन पर अधिकारी कार्यरत हैं। उन पदों को नियमित करने की बात है। राज्य सरकार के अधीन आईएएस अधिकारियों के लिए 337 पद नियमित रूप से सृजित हैं। इसे बढ़ाकर 390 करने की योजना है।
इस तरह पद बढ़ाने की योजना
प्रमुख सचिव से अपर मुख्य सचिव 9
सचिव से प्रमुख सचिव स्तर 9
विशेष सचिव से सचिव/ मंडलायुक्त स्तर 8
विशेष सचिव स्तर पर 26
इस तरह पद बढ़ाने की योजना
प्रमुख सचिव से अपर मुख्य सचिव 9
सचिव से प्रमुख सचिव स्तर 9
विशेष सचिव से सचिव/ मंडलायुक्त स्तर 8
विशेष सचिव स्तर पर 26
आयुक्त गृह सहित कई नए पद सृजित करने का प्रस्ताव
शासन स्तर पर वर्तमान में अपर मुख्य सचिव गृह का पद है। सरकार ने अब शासन में अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी के लिए आयुक्त गृह, गोपन, वीजा, सतर्कता व जेल प्रशासन का नया पद सृजित करने का प्रस्ताव किया है। इसी तरह समाज कल्याण आयुक्त, बेसिक शिक्षा, आवास एवं नगर विकास, वैकल्पिक ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, वित्त आयुक्त एवं वित्त, योजना व कार्यक्रम क्रियान्वयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राज्य कर विभाग के मुखिया का पद अपर मुख्य सचिव के लिए सृजित कर नियमित करने का प्रस्ताव किया है। अभी इनमें से कुछ पर अपर मुख्य सचिव व कुछ पर प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी नि:संवर्गीय सृजित पदों पर कार्यरत हैं।
आईएएस के लिए कई नए पद चिह्नित
सरकार ने एनएचएम डायरेक्टर, सूचना आयोग में सचिव, डीजी स्कूल शिक्षा का पद आईएएस संवर्ग में सृजित करने का प्रस्ताव किया है। इसी तरह राहत आयुक्त का पद विशेष सचिव के स्थान पर सचिव स्तर पर करने की सिफारिश है। सूचना निदेशक व निदेशक मंडी का पद भी सचिव स्तर के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव है। इनमें कई पदों पर सचिव व कुछ पर विशेष सचिव स्तर के अधिकारी कार्यरत हैं। अपर आयुक्त आबकारी, एनएचएम में अपर निदेशक, ग्रामीण आजीविका मिशन में निदेशक, अपर आयुक्त गन्ना, सीईओ यूपी ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी, डीजी प्राविधिक शिक्षा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र, डायरेक्टर नेडा व डायरेक्टर स्वच्छ भारत मिशन, कार्यकारी निदेशक राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन, निदेशक महिला कल्याण, डायरेक्टर आईसीडीएस, निदेशक दिव्यांगजन, एमडी यूपी सहकारी फेडरेशन के पद आईएएस संवर्ग के लिए सुरक्षित करने की सिफारिश की गई है। बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में सदस्य न्यायिक के भी दो पद बढ़ाने की योजना है।
आईएएस संवर्ग के काडर रिव्यू का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। प्रदेश सरकार ने अपनी आवश्यकता व औचित्य के साथ पदों को बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। कितने पद बढ़ते हैं, यह केंद्र पर निर्भर करता है।
- मुकुल सिंघल, अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक
आईएएस के लिए कई नए पद चिह्नित
सरकार ने एनएचएम डायरेक्टर, सूचना आयोग में सचिव, डीजी स्कूल शिक्षा का पद आईएएस संवर्ग में सृजित करने का प्रस्ताव किया है। इसी तरह राहत आयुक्त का पद विशेष सचिव के स्थान पर सचिव स्तर पर करने की सिफारिश है। सूचना निदेशक व निदेशक मंडी का पद भी सचिव स्तर के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव है। इनमें कई पदों पर सचिव व कुछ पर विशेष सचिव स्तर के अधिकारी कार्यरत हैं। अपर आयुक्त आबकारी, एनएचएम में अपर निदेशक, ग्रामीण आजीविका मिशन में निदेशक, अपर आयुक्त गन्ना, सीईओ यूपी ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी, डीजी प्राविधिक शिक्षा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र, डायरेक्टर नेडा व डायरेक्टर स्वच्छ भारत मिशन, कार्यकारी निदेशक राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन, निदेशक महिला कल्याण, डायरेक्टर आईसीडीएस, निदेशक दिव्यांगजन, एमडी यूपी सहकारी फेडरेशन के पद आईएएस संवर्ग के लिए सुरक्षित करने की सिफारिश की गई है। बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में सदस्य न्यायिक के भी दो पद बढ़ाने की योजना है।
आईएएस संवर्ग के काडर रिव्यू का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। प्रदेश सरकार ने अपनी आवश्यकता व औचित्य के साथ पदों को बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। कितने पद बढ़ते हैं, यह केंद्र पर निर्भर करता है।
- मुकुल सिंघल, अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक