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सिंचाई विभाग में प्रमोशन का मामला : जिलेदारों की चयन सूची निरस्त करने का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने चयन प्रक्रिया जारी रखने को कहा

Sun, 31 Oct 2021 10:43 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 31 Oct 2021 10:43 PM IST
सार

कोर्ट ने चयनित अभ्यर्थियों के दावों पर फिर से गौर करने से संबंधित कार्यवाही चार माह में पूरी करने का निर्देश  देकर चयन प्रक्त्रिस्या जारी रहने का आदेश दिया है।

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Promotion case in Irrigation Department: Order to cancel the selection list of districtdars canceled, High Court asked to continue the selection process
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में सिंचाई विभाग के जिलेदारों की चयन सूची निरस्त करने का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने चयनित अभ्यर्थियों के दावों पर फिर से गौर करने से संबंधित कार्यवाही चार माह में पूरी करने का निर्देश  देकर चयन प्रक्त्रिस्या जारी रहने का आदेश दिया है।

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कोर्ट ने यह फैसला हेतराम व अन्य की याचिका पर दिया। इसमें याचियों ने 26 जुलाई 2019 के उस विभागीय आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत जिलेदारों की चयन सूची निरस्त कर दी गई थी। याची सींच पर्यवेक्षक के रूप में विभाग में तैनात थे और जिलेदार पद पर प्रमोशन पाने को अर्ह थे। जिसके लिए विभागीय परीक्षा के बाद चयन सूची बनी थी। जिसमें याची कामयाब घोषित किए गए। चयन समिति के एक सदस्य के खिलाफ  धांधली के आरोपों वाला वीडियो प्रसारित होने के बाद जांच समिति बनी। 
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समिति की 24 जनवरी 2019 की रिपोर्ट पर पूरी परीक्षा रद्द कर दी गई। याचियों का कहना था कि उक्त कथित धांधली से उनका कोई लेना-देना नहीं था। ऐसे में मनमाने तरीके से परीक्षा रद्द करने का आदेश कानूनन सही नहीं था। क्योंकि इससे उनके हित प्रभावित हो रहे हैं। उधर, सरकारी वकील ने प्रश्नगत आदेश को उचित बताते हुए कहा कि इसमें कोई अवैधानिकता नहीं थी। कोर्ट ने 26 जुलाई 2019 के परीक्षा रद्द करने के आदेश को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ  करार देकर रद्द कर दिया। 
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साथ ही विभागीय पक्षकारों को निर्देश दिया कि याचियों समेत अन्य चयनित अभ्यर्थियों के जिलेदार पद पर प्रमोशन के दावों पर फिर गौर करें। इसके लिए हाईकोर्ट ने परीक्षा समेत याचियों व प्रत्येक अभ्यर्थी की मेरिट को लेकर नई व्यापक जांच करवाने के भी निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यह कार्यवाही चार माह में पूरी की जाय। अगर याची उपयुक्त पाए जायें तो तत्काल उन्हें जिलेदार पद पर प्रमोशन दिया जाय। कोर्ट ने कहा कि इस कार्यवाही के बाद चयन प्रक्रिया जारी रहेगी। इस आदेश के साथ कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली।

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