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'बहुरिया जीती तो दुबई जैसी सड़कै बनवाई देब काका'

Mon, 12 Oct 2015 11:13 AM IST
Updated Mon, 12 Oct 2015 11:13 AM IST
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promises done in panchayat election in up

मीठे रसीले आमों के लिए मशहूर मलिहाबाद में हो रहे पंचायत चुनाव में प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं के बीच एक से बढ़कर एक लुभावने वादे परोस रहे हैं। चुनावी समर में किस्मत आजमा रहीं पत्नी की जीत का परचम लहराने के लिए उनके ‘दुबई रिटर्न हसबैंड’ भी कूद पड़े हैं।

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उनके भाई-बंधु तो हफ्तों से अपनी टीम लेकर प्रचार में जुटे थे। रविवार शाम प्रचार थम गया। कई दिनों से चल रहे चुनावी शोर से आजिज गौंदा मौअज्जमनगर के बुजुर्ग सुंदर कहते हैं, चुनाव जीतै कै बाद पांच साल तक जनता केर सुधि नाई लेत, अब तौ इनकी सहालक है जौन न दैइ दे कम है। वोट पड़तै सब भूलि जाति, जीतै कै बादि तौ हमका तुमका सबका भूलि जाति, जनतै नाई।
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औलिया खेड़ा गांव के पास दुकानदारी करने वाले रम्मा गुस्से में बोल पड़े, हम कहिन कि रोज-रोज आवन वाली गाड़िन से सबै सौउदा गर्दियाय जात है। जहितै सड़क बनवावै का कहौ कहति चुनाव जिताई देउ, बनवा देब। अबहै तौ 10-12 गाड़ी सै सब आये रहै उन सै कहा तौ कहत आही, तोहार बहुरिया चुनाव लड़ति है। बहुरिया जीती तौ दुबई जैसी सड़कै  बनवाई दीन जाई।बिजली-पानी की भी दिक्कत नाई होय।

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अबकी बाघ आवा तो हम सबसे पहिले निपटब

promises done in panchayat election in up

प्रचार समाप्त होने से चंद घंटों पहले रविवार दोपहर जब ‘अमर उजाला’ ने मलिहाबाद ब्लॉक के वार्ड 13 का जायजा लिया तो बुजुर्ग मतदाताओं की जुबां पर कुछ ऐसी ही बातें थीं। एससी महिला के लिए आरक्षित इस सीट पर वैसे तो नौ महिला प्रत्याशी भाग्य आजमा रही हैं, लेकिन मुकाबला सपा, बसपा व भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के बीच ही है।

एक दमदार प्रत्याशी के पति तो सात समंदर पार से चुनावी समर में डुबकी लगाने आ पहुंचे हैं। करीब एक दशक से दुबई में रहकर भारी-भरकम बिजनेस चलाने वाली इस फैमिली का हाई- प्रोफाइल चुनाव लड़ने का अंदाज पूरे गांव-जोहार में चर्चा बटोर रहा है।  

बस्तियों और खेतों के किनारे गांव में वोट मांगने पहुंचे एक प्रत्याशी के समर्थक बिजली, पानी, सड़क के बाउंसर से जूझते रहे। हालांकि नदी किनारे के किसानों ने जब बताया कि दो-तीन बार बाघ भी यहां टहल करि चुका है तो इस प्रत्याशी के समर्थकों ने भरोसा दिलाया, अबकी बाघ आवा तो हम सबसे पहिले निपटब।

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