{"_id":"5e621dec8ebc3ec573777681","slug":"program-on-women-empowerment-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिस कमिश्नर का एलान, अब अपराध की शिकार हर महिला के साथ रहेगी एक पुलिसकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस कमिश्नर का एलान, अब अपराध की शिकार हर महिला के साथ रहेगी एक पुलिसकर्मी
Fri, 06 Mar 2020 04:07 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 06 Mar 2020 04:07 PM IST
विज्ञापन
पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय के साथ एडीजी रेणुका मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपराध की शिकार हर महिला के साथ अब एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेगी। वह पीड़िता को कानूनी सहायता, सामाजिक सुरक्षा और भावनात्मक सहयोग देगी। यह जानकारी गुरुवार को पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने डायल 112 के अभिव्यक्ति सभागार में स्वाभिमान महिला सुरक्षा कानून एवं सामाजिक पहलू कार्यक्रम में दी।
महिला सशक्तिकरण पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त ने लखनऊ में पुलिस की ओर से महिलाओं के लिए संचालित कुटुंब, पैरवी, महिला हेल्प डेस्क, पॉक्सो, सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण और साथी अभियान के बारे में विस्तार से बताया। मुख्य अतिथि एडीजी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड रेणुका मिश्रा थीं।
एडीजी ने कहा कि लखनऊ को ऐसा शहर बनाना है, जहां किसी भी उम्र की महिलाएं किसी भी वक्त किसी भी साधन से, कैसे भी कपड़े पहनकर किसी के साथ या अकेले बिना किसी डर के आ-जा सकें। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अपराध की शिकार महिला की कई निजी समस्याएं भी होती है।
विज्ञापन
कई बार कानूनी मदद मांगने में भी संकोच करती हैं। साथी अभियान से यह समस्या दूर करने का प्रयास है। यह अभियान एक पीड़िता, एक पुलिसकर्मी की संकल्पना पर आधारित है। यानी हर पीड़िता के साथ एक महिला पुलिसकर्मी को तैनात किया जाएगा। वह अपराध की शुरुआत से पुलिस की अंतिम कार्रवाई तक पीड़िता के साथ रहेगी।
विज्ञापन
महिला सशक्तिकरण पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त ने लखनऊ में पुलिस की ओर से महिलाओं के लिए संचालित कुटुंब, पैरवी, महिला हेल्प डेस्क, पॉक्सो, सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण और साथी अभियान के बारे में विस्तार से बताया। मुख्य अतिथि एडीजी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड रेणुका मिश्रा थीं।
विज्ञापन
एडीजी ने कहा कि लखनऊ को ऐसा शहर बनाना है, जहां किसी भी उम्र की महिलाएं किसी भी वक्त किसी भी साधन से, कैसे भी कपड़े पहनकर किसी के साथ या अकेले बिना किसी डर के आ-जा सकें। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अपराध की शिकार महिला की कई निजी समस्याएं भी होती है।
विज्ञापन
कई बार कानूनी मदद मांगने में भी संकोच करती हैं। साथी अभियान से यह समस्या दूर करने का प्रयास है। यह अभियान एक पीड़िता, एक पुलिसकर्मी की संकल्पना पर आधारित है। यानी हर पीड़िता के साथ एक महिला पुलिसकर्मी को तैनात किया जाएगा। वह अपराध की शुरुआत से पुलिस की अंतिम कार्रवाई तक पीड़िता के साथ रहेगी।
112 की पहल से 7,20,000 वरिष्ठ नागरिकों ने कराया रजिस्ट्रेशन
पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पुलिस आयुक्त ने पॉक्सो के मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और 118 लंबित मामलों की विवेचना खत्म करने के विवेचकों को निर्देश दिए। डायल 112 के एडीजी असीम अरुण ने कहा, 112 केंद्र से 4500 वाहनों की निगरानी हो रही है। वीमेन पावर लाइन और डायल 112 को जोड़कर शिकायतों का आदान-प्रदान हो रहा है।
जेपीसी अपराध नीलाब्जा चौधरी ने कहा कि महिलाओं को रात को घर छोड़ने के लिए 300 वाहन लगाए गए हैं। लखनऊ से रोजाना 100 शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें से 112 की पीआरवी 90 मामलों में कार्रवाई व निस्तारण कर रही है। 112 की पहल से 7,20,000 वरिष्ठ नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इनमें चार लाख का दूसरे चरण का रजिस्ट्रेशन भी किया जा चुका है। कार्यक्रम में जेपीसी कानून व्यवस्था लखनऊ नवीन अरोरा, डीसीपी महिला अपराध शालिनी, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय रईस अख्तर समेत एसीपी महिला अपराध अर्चना सिंह, श्वेता श्रीवास्तव और साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
जेपीसी अपराध नीलाब्जा चौधरी ने कहा कि महिलाओं को रात को घर छोड़ने के लिए 300 वाहन लगाए गए हैं। लखनऊ से रोजाना 100 शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें से 112 की पीआरवी 90 मामलों में कार्रवाई व निस्तारण कर रही है। 112 की पहल से 7,20,000 वरिष्ठ नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इनमें चार लाख का दूसरे चरण का रजिस्ट्रेशन भी किया जा चुका है। कार्यक्रम में जेपीसी कानून व्यवस्था लखनऊ नवीन अरोरा, डीसीपी महिला अपराध शालिनी, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय रईस अख्तर समेत एसीपी महिला अपराध अर्चना सिंह, श्वेता श्रीवास्तव और साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
पुलिस कमिश्नर बोले- महिलाओं सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। मेरी भी बेटी है जो हर जिम्मेदारी उठाने को तैयार रहती है। मुझे खुशी होती है कि जब वह कहती है कि अगर कोई काम वह नहीं कर सकती तो उसे दूसरा भी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि लखनऊ को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ऐसा माहौल बनाने की कोशिश है जहां महिलाएं रात के दो बजे भी सुरक्षित घर जा सकें। उन्हें आधी रात सड़क पर चलने में डर का अहसास न हो।
उन्होंने कहा कि लखनऊ को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ऐसा माहौल बनाने की कोशिश है जहां महिलाएं रात के दो बजे भी सुरक्षित घर जा सकें। उन्हें आधी रात सड़क पर चलने में डर का अहसास न हो।