लाभ वाले बैंकों की कमाई से चलेंगे घाटे वाले बैंक
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रिजर्व बैंक द्वारा नए कारोबार पर रोक से प्रभावित 16 जिला सहकारी बैंकों को लाभ वाले बैंकों के मुनाफे से चलाया जाएगा।
मंगलवार को उप्र को-ऑपरेटिव बैंक की उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया। साथ ही सहकारी बैंकों को व्यावसायिक तर्ज पर चलाने के लिए भी तमाम योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 2012-13 में सहकारी देयों की वसूली 68.25 प्रतिशत रही, जो विगत 15 वर्षों की तुलना में ज्यादा है। इसी प्रकार वर्ष 2012-13 में 4872.88 करोड़ रुपये का फसली ऋण वितरण किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 114.25 प्रतिशत है।
उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मुहैया कराने के लिए सहकारी बैंकों को ऑनलाइन करने का फैसला किया गया है।
सरकार देगी गारंटी
लाभ वाले बैंकों से लिए गए धन से प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक मुख्यालय पर एक कोष स्थापित किया जाएगा। इससे इन 16 जिला सहकारी बैंकों को बतौर ऋण मदद दी जाएगी।
इस ऋण पर लगने वाला ब्याज सरकार देगी। साथ ही पैसा देने वाले बैंकों को उनके धन की सुरक्षा की गारंटी भी सरकार देगी। बैठक में प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष फतेहबहादुर सिंह, प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा, अपर आयुक्त वीडी मिश्र शामिल थे।