UP News: परिषदीय स्कूलों में जिले के अंदर ऑनलाइन होंगे शिक्षकों के तबादले, शासन ने जारी की प्रक्रिया
यूपी के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के तबादले की पूरी प्रक्रिया जारी कर दी गई है। इसके लिए अगले 10 दिन में एनआईसी का पोर्टल खुलेगा। इस प्रक्रिया में किसी विद्यालय में मानक से अधिक शिक्षकों की मौजूदगी पर शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के जिले के अंदर तबादले व समायोजन करने की प्रक्रिया शासन ने जारी कर दी है। शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले होंगे। इसके लिए एनआईसी का पोर्टल अगले 10 दिन में खुलेगा।
तबादले की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हर जिले में पांच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, वित्त एवं लेखा अधिकारी (बेसिक) शिक्षा सदस्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। नगर क्षेत्र से नगर और ग्रामीण क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में ही तबादले किए जाएंगे।
यह होगी स्थानांतरण प्रक्रिया
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के मानकों के तहत अधिक अध्यापक संख्या वाले विद्यालय व अध्यापक की आवश्यकता वाले विद्यालय मानव संपदा पोर्टल पर 30 अप्रैल की छात्र संख्या के आधार पर चिह्नित किए जाएंगे।
अध्यापक की आवश्यकता वाले विद्यालय के रूप में चिह्नांकन उन विद्यालयों का होगा, जो शिक्षक विहीन, एकल शिक्षक व ऐसे विद्यालय हैं, जहां दो से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, वहा पर आरटीई के मानकों के अनुसार रिक्तियां हैं। अधिक शिक्षक संख्या वाले विद्यालय में अधिक सहायक अध्यापकों व प्रधानाध्यापक को भी चिह्नित किया जाएगा। जरूरत से ज्यादा शिक्षक वाले विद्यालयों में तैनात आरटीई के मानकों से अधिक संख्या वाले सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक को समकक्ष पद पर अध्यापक की आवश्यकता वाले विद्यालय में स्थानांतरित कर समायोजित किया जाएगा।
तबादले की इस प्रक्रिया में अधिक अध्यापक वाले विद्यालय में चिह्नित आरटीई के मानकों से अधिक संख्या वाले सहायक शिक्षकों व प्रधानाध्यापक को समकक्ष पद वाले पद पर अध्यापक की आवश्यकता वाले विद्यालय में स्थानांतरित व समायोजित किया जाएगा। आवश्यकता से अध्यापक वाले विद्यालय में मानक से अधिक शिक्षकों और प्रधानाध्यापक की आवश्यकता वाले विद्यालय चिह्नित कर निर्देश वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएंगे। अध्यापकों को तबादले के लिए 25 विद्यालयों के विकल्प दिए जाएंगे। आवश्यकता वाले ऐसे विद्यालय जहां एक ही आवेदन मिलेगा, वहां उसी आधार पर स्थानांतरण कर दिया जाएगा।
इन स्थितियों में वरिष्ठता के आधार पर होंगे निर्णय
एक सीट पर एक से अधिक आवेदन मिलने पर वरिष्ठता तय की जाएगी, जिसमें यह भारांक देय होगा। सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए एक अंक अधिकतम 10 अंक तक, अध्यापक के स्वयं, जीवनसाथी, अविवाहित पुत्र या पुत्री के गंभीर रोग से ग्रस्त होने पर 10 भारांक, जीवनसाथी के सरकारी सेवा, सेना, अर्द्धसैनिक बल, बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के अधीन काम करने पर अधिकतम 10 अंक, संतानों का अकेले ही पालन करने वाले अध्यापक के लिए 10 अंक, अध्यापिका को 5 अंक, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त को 5 अंक, राज्य पुरस्कार प्राप्त अध्यापक व अध्यापिका को तीन भारांक अधिकतम दिए जाएंगे। भारांक समान होने पर नियुक्ति तिथि में वरिष्ठ और नियुक्ति तिथि भी समान होने पर अधिक आयु वाले आवेदक को लाभ दिया जाएगा।
समायोजन में इन बिंदुओं का रखा जाएगा ख्याल
- शिक्षक विहीन विद्यालय में तीन और एकल शिक्षक विद्यालय में दो शिक्षक तैनात किए जाएंगे।
- आवश्यकता से अधिक अध्यापक वाले विद्यालय में चिह्नित शिक्षक को उनकी वरिष्ठता के आधार पर अवरोही क्रम में सूचीबद्ध किया जाएगा। इसी तरह अध्यापक की आवश्यकता वाले विद्यालय को भी अवरोही क्रम में सूचीबद्ध किया जाएगा।
- जिनकी सेवा अवधि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को दो वर्ष से कम बची होगी, उन्हें समायोजन की प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा। हालांकि ऑनलाइन पोर्टल पर स्वेच्छा से वह आवेदन कर सकते हैं।