प्रियंका गांधी का सीएम योगी पर हमला, भगवा रंग उनका निजी नहीं देश की परंपरा का प्रतीक
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार दोपहर प्रेस कांफ्रेंस की और प्रदेश में पुलिस के रवैये को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस अराजकता फैला रही है। धर्म विशेष के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
बिजनौर में दो लड़कों की हत्या की गई। दूध लेने गए बच्चे को पुलिस ने गोली मारी। सुलेमान नाम के लड़के को पुलिस उठाकर ले गई। उसका शव मिला है। पुलिस ने सुलेमान के परिजनों को धमकाया कि अगर आवाज उठाई को गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर देंगे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि इसी तरह पूर्व आईपीएस अफसर एसआर दारापुरी को भी घर से उठाया गया। उन्होंने फेसबुक पर सिर्फ एक पोस्ट डाली थी और लोगों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने प्रदेश में अब तक 5500 लोगों को डिटेन किया है और करीब 1100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने भगवा रंग धारण किया है। उन्हें इसका महत्व समझना चाहिए। भगवा उनका निजी रंग नहीं है बल्कि भारत की परंपरा का प्रतीक है। हमारी परंपरा में बदला या हिंसा का कोई स्थान नहीं है लेकिन मुख्यमंत्री बदला लेने की बात करते हैं। ये मुख्यमंत्री की भाषा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस उन्हीं की सोच पर काम कर रही है और आमजनता को प्रताड़ित कर रही है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बीएचयू के बच्चे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें जेल में डाल दिया गया।
'हिंसा और अराजकता करने वाले कौन, इसकी जांच करवाई जाए'
प्रियंका गांधी ने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ करने वाले कौन लोग हैं और इसके पीछे कौन है? इसकी जांच किसी रिटायर्ड जज से करवाई जाए। आम लोगों को नोटिस भेजकर उनसे वसूली करना उनका उत्पीड़न है। जब तक अराजकता और तोड़फोड़ करने वालों की पहचान न हो जाए तब तक लोगों को परेशान न किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नागरिकता संशोधन कानून देश की आत्मा के खिलाफ है। हम इसका विरोध करते हैं।
वहीं, एनआरसी पर उन्होंने कहा कि यह देश की जनता को परेशान करने के लिए लाया गया है। जिस तरह नोटबंदी के दौरान लोग परेशान हुए वैसे ही फिर से परेशान होंगे। गांव में जिन गरीबों के पास दस्तावेज नही हैं। वो कहां से प्रमाण देंगे...? शहरों में मजदूरी करने वाले लोग कहां से 1970 का टेलीफोन बिल लेकर आएंगे? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी मुख्यमंत्रियों ने एनआरसी का विरोध किया है। हम इसे नहीं लागू करेंगे।
'मेरी सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं'
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी सुरक्षा के संबंध में सीआरपीएफ द्वारा जारी किए गए बयान पर कुछ भी बात नहीं की और कहा कि प्रदेश में इतने बड़े मुद्दे हैं। उन पर बात होनी चाहिए। मेरी सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है।