रायबरेली सीट पर सक्रियता बढ़ाएंगी प्रियंका गांधी, खास कार्यकर्ताओं से ले रही हैं फीडबैक
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जल्द ही गांधी-नेहरू परिवार की एक और शख्सियत राजनीति में सीधे जोर-आजमाइश करते दिखेगी। उच्च स्तर पर फैसला किया गया है कि सोनिया गांधी की सीट पर उनकी बेटी प्रियंका गांधी सक्रियता बढ़ाएंगी। राजनीतिक विश्लेषक इस फैसले को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में रायबरेली सीट पर सोनिया की विरासत पूरी तरह से प्रियंका ही संभालेंगी।
पिछले कुछ समय में प्रियंका ने रायबरेली के कई कांग्रेसियों को दिल्ली बुलाकर लंबी बातचीत की है। उनसे न सिर्फ पार्टी के कामकाज की जानकारी ली, बल्कि भविष्य के लिए सुझाव भी मांगे। पार्टी के स्थानीय नेताओं का भी कहना है कि रायबरेली में कांग्रेस से जुड़े हर निर्णय प्रियंका ही ले रही हैं। कार्यकर्ता भी उनकी ही बात को अहमियत देते हैं।
स्थानीय नेताओं से कहा गया है कि अगर कोई दूसरे दल का वजनदार नेता कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताए तो उसे प्रियंका से मिलवाया जाए। हाल ही में शिक्षकों की राजनीति कर रहे एक नेता के कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताने पर उन्हें प्रियंका से मिलवाने के लिए कहा भी गया है।
प्रियंका के मानदंडों पर खरा उतरने वाला ही पा सकता है कांग्रेस में प्रवेश
रायबरेली में नेताओं के बीच यह धारणा आम है कि यहां कांग्रेस में वही नेता प्रवेश पा सकता है, जो प्रियंका के मानदंडों पर खरा उतरता हो। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 71 वर्षीय सोनिया गांधी की सेहत को देखते हुए प्रियंका को रायबरेली में सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा गया है।
कांग्रेस हाईकमान का यह दूसरा महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है, क्योंकि कुछ महीने पहले ही सोनिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी राहुल गांधी को सौंपी थी।
गठबंधन में रहकर ही चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
पार्टी के एक जिम्मेदार नेता ने बताया कि हाईकमान ने आगामी लोकसभा चुनाव सपा-बसपा के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगर कांग्रेस को 10 सीटें भी लड़ने के लिए मिल गईं तो वो मान जाएगी। हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला सपा-बसपा के रुख पर निर्भर करेगा।