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यूपी विधानसभा: उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विधेयक 2024 मंजूर, खारिज हुए सपा-कांग्रेस के संशोधन प्रस्ताव

Thu, 08 Feb 2024 10:48 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 08 Feb 2024 10:48 PM IST
सार

कांग्रेस व सपा ने विधेयक के खिलाफ संशोधन प्रस्ताव रखा। विधेयक वोटिंग करवाई गई सत्ता पक्ष के विधायकों की संख्या अधिक होने के कारण संशोधन प्रस्ताव खारिज हो गया।

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Private University bill passed in UP Vidhansabha.
यूपी विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी विधानसभा में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2024 ध्वनिमत से पारित हो गया। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एसकेएस इंटरनेशनल निजी विश्वविद्यालय मथुरा की स्थापना के लिए संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश किया गया था। कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय और वीरेंद्र चौधरी ने विधेयक के खिलाफ संशोधन प्रस्ताव रखते हुए उसे प्रवर समिति के सुपुर्द करने की मांग रखी। 

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आराधना ने कहा कि प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं हैं। निजी विवि विद्यार्थियों के प्रवेश से लेकर शिक्षकों की नियुक्ति, पाठ्यक्रम निर्धारण और शुल्क वसूली में मनमर्जी करते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार को निजी विश्वविद्यालयों को नियंत्रण में लेने के लिए ठोस कानून बनाना चाहिए।
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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश में सिर्फ छह निजी विवि थे, अब 26 निजी विवि स्थापित हो गए हैं। इनमें से 11 निजी विवि का संचालन पिछड़े वर्ग और एक का संचालन मुस्लिम वर्ग के व्यक्ति कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सपा सरकार में उच्च शिक्षा का हाल बिगड़ा हुआ था। प्रदेश के विवि नैक ग्रेडिंग में दूर-दूर तक नहीं थे। जबकि योगी सरकार में लखनऊ विवि ने नैक ग्रेडिंग में ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त की है। कई अन्य विश्वविद्यालयों को भी नैक में ए ग्रेड मिली है।


विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने संशोधन प्रस्ताव पर वोटिंग कराई। सत्ता पक्ष के विधायकों की संख्या अधिक होने के कारण संशोधन प्रस्ताव खारिज कर विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

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